लखनऊ के बंथरा के शिवपुरा अंबेडकरनगर में आंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण करने को लेकर दो दलित गुटों के बीच हुए संघर्ष के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। घटना के वक्त दरोगा विपिन कुमार गायब थे। इसलिए डीसीपी ने उन्हें निलंबित कर दिया था। पुलिस घटना में शामिल आरोपियों के लाइसेंसी असलहों के बारे में पता लगा रही है। जल्द ही सभी का शस्त्र लाइसेंस निरस्त कराया जाएगा।
डीसीपी साउथ अमित आनंद ने बताया कि पुलिस ने मंगलवार को दोनों तरफ से रिपोर्ट दर्ज की थी और सात लोगों को गिरफ्तार किया था। विवेचना जारी है। घटना में शामिल अन्य आरोपियों का पता लगाया जा रहा है। जल्द ही सभी को चिह्नित कर कार्रवाई की जाएगी।
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डीसीपी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के अधिकारी फोर्स के साथ पहुंच गए थे और स्थिति को संभाल लिया था। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि पूर्व से प्रस्तावित कार्यक्रम में इलाके के दरोगा विपिन कुमार की भूमिका संदिग्ध मिली। वह कार्यक्रम स्थल पर नहीं थे।
एसीपी कृष्णानगर को दी गई जांच : डीसीपी ने बताया कि पुलिस की भूमिका की जांच के लिए एसीपी कृष्णानगर रजनीश वर्मा को आदेश दिया गया है। एसीपी जांच करेंगे कि पुलिस के स्तर पर कहां चूक हुई व किसी और की भी लापरवाही मिलती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
यह है पूरी घटना: बंथरा के शिवपुरा अंबेडकरनगर इलाके में बौद्ध प्रार्थना से पहले ही प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के लिए दलित के दो गुटों के बीच जमकर मारपीट, हंगामा और पथराव हुआ। इस दौरान कुछ लोगों ने हवाई फायरिंग भी की। नाराज लोगों ने पंचायत प्रतिनिधि की दो एसयूवी तोड़ दी। दोनों पक्षों से तीन लोगों को चोट भी लगी।
