लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल तय कर दिया गया है। एनएचएआई की ओर से तय किया गया टोल काफी महंगा है। एक ओर का न्यूनतम 275 रुपये टोल रखा गया है। ऐसे में शताब्दी, तेजस, वंदे भारत जैसी वीआईपी ट्रेनें लोगों के लिए बेहतर विकल्प साबित होंगी, जो कानपुर पहुंचने में एक्सप्रेसवे से कम समय लेती हैं। ट्रेनें 1:10 घंटे में कानपुर पहुंचती हैं, जबकि एक्सप्रेसवे से पहुंचने में दो घंटे तक लगने की आशंका जताई जा रही है।
नेशनल हाईवे अथॅारिटी ऑफ इंडिया(एनएचएआई) की ओर से लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे बनाया गया है। यह एक्सप्रेसवे बनकर तैयार हो गया है। 15 मई के बाद इसका उद्घाटन किया जा सकता है। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। इससे पूर्व एक्स्प्रेसवे का टोल तय कर दिया गया है। खास बात यह है कि निर्माण पर 3600 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह दो चरणों में बना है।
पहला स्कूटर इंडिया से बनी और दूसरा बनी से उन्नाव के शुक्लागंज तक। अधिकारियों का दावा है कि एक्सप्रेसवे से रास्ता पार करने में 35 से 40 मिनट लगेंगे। जबकि विशेषज्ञों की मानें तो एक्सप्रेसवे शुक्लागंज तक जाएगा। ऐसे में लखनऊ से कानपुर पहुंचने में कुल डेढ़ से दो घंटे तक का समय लगने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं ट्रेनों की बात की जाए तो शताब्दी, तेजस व वंदे भारत यात्रियों के लिए बेहतर विकल्प साबित होंगे। एक्सप्रेसवे से जाने पर टोल के अतिरिक्त ईंधन आदि खर्च भी आएगा, जो काफी महंगा पड़ेगा।