प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने पर रोक लगा दी गई है। यह रोक तकनीनी कमेटी की रिपोर्ट आने तक के लिए लगाई गई है। लेकिन नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे। प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के मीटर को बदला जा रहा है। अब तक कुल 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, जिसमें 70.50 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। 

उपभोक्ताओं का आरोप है कि मीटर बदलते समय उनकी अनुमति नहीं ली गई। बिजली कर्मियों ने मनमानी तरीके से प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगा दिया। इस मामले को लेकर पूरे प्रदेश में बवाल चल रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा की। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 अप्रैल को तकनीकी कमेटी का गठन किया गया। इस बीच विभिन्न स्थानों पर उपभोक्ता आंदोलन भी शुरू कर दिए हैं। 

ऐसे में शनिवार रात पवार कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने स्मार्ट मीटर बदलने का कार्य रोकने का आदेश दिया है। उन्होंने सभी निगमों के प्रबंध निदेशको को निर्देशित किया है कि जब तक तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट नहीं आ जाती है तब तक स्मार्ट मीटर बदलने का कार्य रोक दिया जाए। कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद आगे निर्णय लिया जाएगा।

नए कनेक्शन प्रीपेड स्मार्ट मीटर से

पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ आशीष गोयल ने बताया कि नए कनेक्शन स्मार्ट मीटर के जरिए ही दिए जाएगा। ये सभी कनेक्शन प्रीपेड मोड में दिए जाएंगे। किसी भी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं रोका जाएगा।



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