बेसिक शिक्षा की ओर से निपुण भारत मिशन के आकलन में 32,480 प्राथमिक विद्यालय निपुण घोषित किए गए हैं। इनमें कक्षा 1 और 2 के कम से कम 80 प्रतिशत बच्चों ने भाषा और गणित में अपेक्षित दक्षता हासिल की है। इन विद्यालयों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया जा रहा है।

निपुण रैंकिंग में सबसे अधिक निपुण विद्यालयों वाले जिलों में हरदोई 1002 विद्यालय, अलीगढ़ 969 विद्यालय, शाहजहांपुर 916 विद्यालय, महाराजगंज 874 विद्यालय और खीरी 830 विद्यालय के साथ शीर्ष पर हैं। योजना के तहत डीएलएड प्रशिक्षुओं ने विद्यालयों में जाकर कक्षा 1 और 2 के छात्रों की सीखने की क्षमता का वास्तविक परीक्षण किया।

निपुण भारत मॉनिटरिंग सेंटर से यह रिपोर्ट सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों, खंड शिक्षा अधिकारियों और प्रधानाध्यापकों के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही निपुण घोषित विद्यालयों के लिए सरकार ने विशेष प्रोत्साहन योजना लागू की है। हर विद्यालय को 50 हजार की धनराशि दी जा रही है। इसका प्रयोग शैक्षणिक सामग्री और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में होगा।

डिजिटल पठन-पाठन का असर

बेसिक स्कूलों के शिक्षकों को फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (पढ़ने, लिखने और गणना) आधारित प्रशिक्षण दिया गया है। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास व आईसीटी लैब विकसित किए गए हैं। 2.61 लाख शिक्षकों को टैबलेट देने से डिजिटल पढ़ाई को बढ़ावा मिला है। ऑपरेशन कायाकल्प में 1.32 लाख विद्यालयों में बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई हैं। स्कूल चलो अभियान के तहत 2024-25 में 13.22 लाख और 2025-26 में 15.84 लाख बच्चों का नामांकन कराया गया। 7.73 लाख आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा गया।



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