कोंच। कस्बे में दिन-ब-दिन बढ़ती जाम की समस्या अब विकराल रूप लेती जा रही है। हालत यह हैं कि आमजन के साथ-साथ जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंसकर समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

नगर के प्रमुख मार्गों और चौराहों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय हालात और भी बिगड़ जाते हैं। इस दौरान स्कूली वाहनों, अभिभावकों और अन्य वाहनों की भीड़ के चलते सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे राहगीरों का निकलना तक दूभर हो जाता है। कोंच कस्बा लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहा है। रेलवे क्रॉसिंग, सागर चौकी, चंदकुआ, स्टेट बैंक चौराहा, अमरचंद महेश्वरी इंटर कॉलेज और छावला की पुलिया के आसपास सबसे अधिक जाम लगता है। इन स्थानों पर अव्यवस्थित यातायात और अतिक्रमण के कारण स्थिति और खराब हो जाती है।

जाम के चलते कई बार एम्बुलेंस, दमकल और यूपी 112 पुलिस की गाड़ियां भी समय पर मौके पर नहीं पहुंच पाती हैं। ऐसे में आपात स्थिति में लोगों की जान पर भी खतरा मंडराने लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जाम में फंसकर उन्हें रोजाना की दिनचर्या में देरी झेलनी पड़ती है, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। नगरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने, अतिक्रमण हटाने और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती बढ़ाने की जरूरत है, ताकि लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।

कई बार आश्वासन, कई बार आदेश… फिर भी समस्या जस की तस

कस्बे के जाम को लेकर कई बार अधिकारियों द्वारा आश्वासन दिए गए, कई बार समस्याओं के समाधान के आदेश भी जारी हुए, लेकिन हालात आज भी जस के तस बने हुए हैं। जिम्मेदारों की लापरवाही और धीमी कार्यप्रणाली के चलते आम जनता को लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है।

वर्जन

कालपी रोड पर जाम लगने की सूचना मिली थी, जाम को समय रहते खुलवाया दिया गया था।

वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी।

फोटो – 24 कालपी रोड पर जाम में फंसे वाहन। संवाद

सहालग में बारातों से शहर जाम, घंटों फंसे वाहन

संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। सहालग और अक्षय तृतीया के चलते सोमवार रात शहर में भीषण जाम की स्थिति बन गई। एक साथ कई बरातों के सड़कों पर निकलने से मुख्य मार्गों पर यातायात पूरी तरह चरमरा गया और लोग करीब दो घंटे तक जाम में फंसे रहे।

शहर के सभी शादी घरों में बुकिंग होने के कारण देर शाम से ही सड़कों पर भीड़ बढ़ने लगी। रात करीब आठ बजे के बाद बरातें निकलनी शुरू हुईं तो हालात बिगड़ गए। उरई-कालपी मार्ग पर बस स्टैंड से इकलासपुरा चौराहे तक लंबा जाम लग गया। जाम की स्थिति इतनी खराब रही कि बसें, एंबुलेंस, चार पहिया और दो पहिया वाहन तक फंस गए। एंबुलेंस के जाम में फंसने से मरीजों को ले जाने में भी दिक्कतें आईं, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। पैदल चलने वाले लोग भी जाम में फंसे नजर आए, जबकि महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।

मामू-भांजे मजार से जिला परिषद तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही। इसके अलावा जेल रोड, जालौन रोड और झांसी रोड सहित अन्य प्रमुख मार्गों पर भी यातायात बाधित रहा। कई स्थानों पर वाहन रेंगते नजर आए और पूरी व्यवस्था अस्त-व्यस्त हो गई। प्रशासन की ओर से जाम खुलवाने के प्रयास किए गए, लेकिन बरातों की अधिक संख्या के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। करीब दो घंटे बाद धीरे-धीरे जाम खुल सका, तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।

सहालग के चलते आने वाले दिनों में भी शहर में यातायात का दबाव बना रहने और जाम की समस्या दोहराने की आशंका है।

फोटो - 24 कालपी रोड पर जाम में फंसे वाहन। संवाद

फोटो – 24 कालपी रोड पर जाम में फंसे वाहन। संवाद



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