बरात की बस छोड़कर आगे बढ़ जाने से दूल्हे का चाचा इतना नाराज हो गया कि उसने विवाह घर के पास सोमवार आधी रात के बाद पेड़ के सहारे फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह शव को लटका देख बरातियों में चीख पुकार मच गई। पुलिस छानबीन कर रही है।
कानपुर नगर के जूही मोहल्ला निवासी ईश्वर सिंह (57) बिजली मरम्मत का काम करते थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि ईश्वर बेहद गुस्सैल स्वभाव के थे। सभी के साथ सोमवार शाम भतीजे की बरात लेकर निकले थे। मोंठ पहुंचने से पहले बस ढाबे के पास रोकी गई। सभी बराती नीचे उतरकर खाने-पीने लगे। ईश्वर भी नीचे उतर आए। कुछ देर ठहरने के बाद सभी बराती बस में सवार हो गए। इसी दौरान बस सवार कुछ युवकों ने शरारतन बस आगे बढ़वा दी। यह बात ईश्वर को नागवार गुजरी। कुछ दूर जाकर बस रुकवाई गई लेकिन, गुस्से में आए ईश्वर ने उसमें बैठने से मना कर दिया। काफी देर मान-मनौव्वल के बाद वह बस में सवार हुए। देर-रात बस के मोंठ स्थित पीतांबरा विवाह घर पहुंचने के बाद ईश्वर वहां से गायब हो गए। रिश्तेदार शादी में व्यस्त हो गए। सुबह बरातियों ने विवाह घर से करीब 100 मीटर दूर पेड़ से उनका शव गमछे के सहारे लटका देखा। यह देख वहां चीख पुकार मच गई। पुलिस भी जा पहुंची। उसकी मौत से रोना-पिटना मच गया। मोंठ थाना प्रभारी राजेश पाल का कहना है कि फंदा लगाकर जान देनी की पुष्टि हुई है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
