यूपी में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं इसके लिए माननीयों ने अभी से गोटियां सेट करनी शुरू कर दी हैं। वहीं, कई तो देवी देवताओं की शरण में चले गए हैं। वहीं, एक साहब अपने काम की जगह अपनी रासलीला के कारण चर्चा में हैं। वहीं, नौकरशाही में हो रहे बदलाव को लेकर खुद अफसरों को भी नहीं पता है कि किसका पत्ता कटने वाला है। पढ़ें, ये कानाफूसी:
माननीयों की आहुति
चुनावी आहट क्या शुरू हुई, कई माननीय देवी देवताओं की शरण में चले गए। कुछ लोगों ने उज्जैन तो कुछ पीताम्बरा देवी व एमपी के नलखेड़ा में हवन शुरू करा दिया है। ऐसे ही एक माननीय हैं जो हरिद्वार के एक बड़े मठाधीश के यहां हवन शुरू करा रहे हैं। उनकी यह आहुति सबसे ऊंची कुर्सी पाने के संकल्प को पूरा करने के लिए है। इन आहुतियों का असर अगले साल होने वाले चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा कि ईश्वर ने किसकी आहुति स्वीकार की और किसकी नहीं।
छेड़खानी में नपे साहब
सूबे में एक माननीय को चुनने के लिए भेजे गए खाकी वाले साहब मूल काम छोड़ छेड़खानी में ईमानदारी दिखाने लगे। लिहाजा उन्हें बेआबरू करके मूल कॉडर में वापसी का टिकट पकड़ा दिया गया। दरअसल, साहब कुछ ही महीने पहले मूल कॉडर से प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में तैनाती पा गए थे। केंद्र ने चुनाव ड्यूटी में तैनात कर ईमानदारी से काम करने को कहा था। वहीं साहब का मन चुनाव के बजाय रासलीला में बस गया और एक महिला अधिकारी को एकतरफा दिल दे बैठे। वह पहले भी ऐसे कई मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। इसी कारण केंद्र ने उनकी प्रतिनियुक्ति रद्द कर मूल कॉडर का टिकट पकड़ा दिया है। सुना है उन्हें जिस काम में लगाया जाता था, उसे चौपट करने में कोई कसर बाकी नहीं रखते थे।
नौकरशाही में बदलाव
चर्चा सर्वत्र है कि नौकरशाही में ऊपर के स्तर पर बड़ा बदलाव होने वाला है। किसको क्या विभाग मिलने वाला है, इसकी भी चर्चा खूब है। कुछ नौकरशाह तो अपने लिए अगली जिम्मेदारी को लेकर मुतमईन हैं। इन सब चर्चाओं के बीच एक वरिष्ठ नौकरशाह कहते हैं, मैं नियुक्ति में सचिव था और जब मेरा तबादला हुआ, तो मुझे भी तब पता चला, जब आदेश जारी हुआ।… खैर पता चला है कि बदलाव तो बड़े होने हैं, पर थोड़ा रुककर। कइयों के पर कतरे जाने हैं, पर ये कौन-कौन होंगे, शायद ही कोई इसका गणित लगा सके।
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