प्रदेश सरकार ने छोटे मकान और दुकान बनाने वालों को बड़ी राहत दी है। कैबिनेट में हुए फैसले के आधार पर सरकार ने उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क का निर्धारण, उदग्रहण एवं संग्रहण) (तृतीय संशोधन) नियमावली-2026 जारी कर दी है। नियमावली के मुताबिक शहरों में छोटे मकान और छोटी दुकान बनाने वालों को नक्शा पास कराते समय अब आधा विकास शुल्क देना होगा। इसके साथ ही अलग-अलग शहरों के लिए नए सिरे से विकास शुल्क तय किए गए हैं। गाजियाबाद का सबसे अधिक और अयोध्या का सबसे कम विकास शुल्क रखा गया है।

प्रमुख सचिव आवास पी गुरुप्रसाद की ओर से जारी नियमावली के मुताबिक विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद द्वारा नक्शा पास करते समय नई दरों के हिसाब से विकास शुल्क ली जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि सरकार द्वारा जहां भी विकास शुल्क में पूर्ण या आंशिक छूट दी गई है, वहां इसकी वसूली नहीं की जाएगी।

नियमावली में प्रावधान किया गया है कि विकास शुल्क शहरों और स्थानों के हिसाब से लिए जाएंगे। मकान, प्रतिष्ठान व अपार्टमेंट के आधार पर इसकी वसूली की जाएगी। बड़े शहरों में अधिक और छोटे शहरों में विकास शुल्क कम देना होगा। उदाहरण के लिए गाजियाबाद में सबसे अधिक और अयोध्या में सबसे कम विकास शुल्क रखा गया है। गाजियाबाद में 4165 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर से इसकी वसूली की जाएगी। कानपुर लखनऊ व आगरा को एक श्रेणी में रखते हुए 2462 रुपये प्रति वर्ग मीटर दर तय की गई है। वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, मुरादाबाद, गजरौला, बरेली, लोनी, मोदीनगर व मुरादनगर 1450 रुपये प्रति वर्ग मीटर रखा गया है।



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