नियमित पीएचडी कराने को लेकर अपनी पीठ थपथपाने वाले बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में इस बार व्यवस्था लड़खड़ा गई है। अभ्यर्थियों से फॉर्म भरवाने से लेकर बीयू ने प्रवेश परीक्षा तक करा ली। करीब नौ महीने पहले परीक्षा का परिणाम भी जारी हो गया लेकिन अब तक 47 में 10 विषयों की काउंसिलिंग शुरू नहीं हो पाई है। कारण, बीयू को इन विषयों में पर्याप्त गाइड न मिल पाना बताया जा रहा है।

बीयू में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए 47 विषयों में पीएचडी कराने के लिए मार्च 2025 से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जुलाई थी। 20 जुलाई को प्रवेश परीक्षा कराई गई। कुछ समय बाद ही इसका परिणाम भी जारी कर दिया गया। 37 विषयों की काउंसिलिंग की प्रक्रिया दिसंबर के पहले सप्ताह में पूर्ण कर ली गई और चार अप्रैल से इनका कोर्स वर्क भी शुरू हो गया। लेकिन मास कम्युनिकेशन, कॉमर्स, लॉ, फाइन आर्ट, एनिमल हसबैंड्री एवं डेरिंग, हॉर्टीकल्चर, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, मृदा विज्ञान समेत 10 विषयों की काउंसिलिंग बीयू प्रशासन अब तक नहीं करा पाया है। दूसरी तरफ, परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी लगातार इस इंतजार में हैं कि कब उनकी काउंसिलिंग शुरू होगी। कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि 15 मई तक बचे हुए सभी विषयों की भी काउंसिलिंग हो जाएगी।

उठ रहे सवाल, जब नहीं थे गाइड तो क्यों कराई परीक्षा

10 विषयों की काउंसिलिंग में लेटलतीफी पर अब बीयू प्रशासन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। बड़ा सवाल ये है कि जब पर्याप्त संख्या में गाइड नहीं थे तब बीयू प्रशासन ने इन विषयों में फॉर्म भरवाने के लिए फॉर्म क्यों खोल दिए।



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