सट्टा बाजार के जरिये शुभम उपाध्याय, नितिन अग्रवाल और विजय बाधवा ने कम समय में करोड़ों रुपये की अकूत संपत्ति खड़ी कर ली। पुलिस की छानबीन में तीनों की संपत्तियों का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। अब पुलिस इनकी संपत्ति का पूरा ब्योरा जुटाकर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पुलिस के अनुसार, शुभम लग्जरी कारों का शौकीन है और उसने बेशकीमती रेंज रोवर समेत कई महंगी गाड़ियां खरीद रखी हैं। इसके अलावा दिल्ली के राजेंद्र नगर, इंदौर, धौलपुर (राजस्थान), रक्सा, उन्नाव गेट के बाहर, बूढ़ा रोड समेत झांसी में करीब 12 स्थानों पर कीमती प्लॉट खरीदे गए हैं। पत्नी और बच्चों के नाम दो फार्महाउस व एक दुकान भी दर्ज है। म्यूचुअल फंड और एफडी में भी निवेश किया गया है, जो पत्नी के नाम पर है।
संपत्तियों का ब्योरा जुटाई रही पुलिस
नितिन अग्रवाल और विजय बाधवा के पास भी झांसी, धौलपुर और इंदौर में कीमती जमीन होने की जानकारी मिली है। दोनों के बैंक खातों में भी बड़ी रकम का पता चला है। पुलिस का कहना है कि आयकर से बचने के लिए शुभम नकद रकम अपने परिचितों को देता था और उनके माध्यम से खर्च करता था। नवाबाद थाना प्रभारी रवि श्रीवास्तव के अनुसार, तीनों की सभी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है।
दुबई के क्वाइन से कमाते थे मोटा मुनाफा
शुभम जिस मोबाइल एप के जरिये सट्टा चलाता था, उसका मुख्य एडमिन दुबई में बताया गया है। वहां एक क्वाइन की कीमत करीब सात रुपये थी, जबकि यहां उसे 25 रुपये में बेचा जाता था। इस तरह प्रति क्वाइन करीब 18 रुपये का कमीशन वसूला जाता था। इसी अंतर से रोजाना लाखों रुपये की कमाई होती थी। एप में जीत की संभावना अधिक दिखने के कारण लोग बड़ी रकम दांव पर लगाते थे, जिससे सटोरियों की आमदनी लगातार बढ़ती रही।
