उरई। जिले के आईसीएसई बोर्ड के एकलौते स्कूल सेक्रेड हार्ट एकेडमी में 10वीं व 12वीं का परीक्षा परिणाम घोषित हो गया। 10वीं में अनुष्का तिवारी ने 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिला टॉप किया, जबकि 12वीं में रजत राजपूत 90.3 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर रहे।
विद्यालय की प्रधानाचार्या सिस्टर रफाइल व जूड्स ने बताया कि हाईस्कूल में 80 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें एक छात्र ने परीक्षा छोड़ दी और 79 छात्र उत्तीर्ण हुए। 12वीं में 15 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें एक ने परीक्षा नहीं दी और 14 छात्र पास हुए। इस वर्ष पहली बार विद्यालय में 12वीं की कक्षाएं संचालित हुई थीं।
10वीं में दिशा मिश्रा (96.2%) दूसरे, कार्तिकेय बाथम (94.8%) तीसरे, रचित पटेल (94.4%) चौथे, जाह्नवी सिंह (92.8%) पांचवें, आयुष बबेले व माधव मोहन तिवारी (90.8%) संयुक्त छठे, ध्रुव राजपूत (90%) सातवें, श्रेया शुक्ला (88.4%) आठवें, साक्षी गुप्ता (88%) नौवें व अंशिका सोनी (86.8%) दसवें स्थान पर रहे।
12वीं में हर्षिता श्रीवास (88.3%) दूसरे, शिखर गुप्ता (87.3%) तीसरे, अंशिका सिंह (86.5%) चौथे, अंशिका निरंजन (80.8%) पांचवें, प्रिंस कुमार (80.3%) छठे, प्रिंस दिघर्रा (79.5%) सातवें, हनी कुमार (77.3%) आठवें, नंदिनी दिवाकर (75.5%) नौवें व मुहम्मद अरमान (75.3%) दसवें स्थान पर रहे।
फोटो-20-चाचा-चाची के साथ रजत। संवाद
टॉपर बोले:
लक्ष्य तय कर पढ़ाई करें, सफलता जरूर मिलेगी
रजत राजपूत (इंटर टॉपर):
गैस्ट्रोलॉजिस्ट बनने का सपना
12वीं में टॉप करने वाले रजत राजपूत उरई के शांतिनगर में अपने चाचा चंद्रभान चाची निधि के साथ रहते हैं। उनके पिता जगदीश किसान हैं और मां वंदना गृहिणी हैं। रजत ने बताया कि वह डॉक्टर बनकर गैस्ट्रोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए उन्होंने मोबाइल का कम इस्तेमाल किया और पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया।
फोटो-21-परिजनों के साथ अनुष्का तिवारी। संवाद
अनुष्का तिवारी (हाईस्कूल टॉपर)
बिना ट्यूशन हासिल की सफलता
10वीं टॉपर अनुष्का तिवारी रामनगर की निवासी हैं। उनके पिता भुवनेंद्र तिवारी प्राइवेट शिक्षक हैं और मां ज्योति तिवारी गृहिणी हैं। अनुष्का आईएएस बनना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने बिना ट्यूशन के यह सफलता हासिल की और पिता ने मार्गदर्शन किया।
फोटो-22-माता पिता के साथ दिशा। संवाद
दिशा मिश्रा (द्वितीय स्थान)
कार्डियोलॉजिस्ट बनने की चाह
दूसरे स्थान पर रहीं दिशा मिश्रा के पिता राज्य कर विभाग में उपायुक्त हैं। मां गृहिणी हैं। दिशा ने कहा कि उन्हें अपनी मेहनत पर भरोसा था। वह एमबीबीएस के बाद कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती हैं।
फोटो-23-कार्तिकेय।
कार्तिकेय बाथम (तृतीय स्थान)
इंजीनियर बनने का लक्ष्य
तीसरे स्थान पर रहे कार्तिकेय बाथम पटेलनगर निवासी हैं। उनके पिता दीपक बाथम शिक्षक हैं। मां निशा गृहिणी है। कार्तिकेय ने बताया कि उन्होंने स्कूल के साथ घर पर नियमित पढ़ाई की और भविष्य में इंजीनियर बनना चाहते हैं।

फोटो-20-चाचा चाची के साथ रजत। संवाद

फोटो-20-चाचा चाची के साथ रजत। संवाद

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