आटा। कदौरा ब्लॉक के अकबरपुर इटौरा स्थित हेल्थ वेलनेस सेंटर की अव्यवस्थाओं से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। सेंटर पर लगातार ताला लटका रहने से मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है और उन्हें मजबूरन निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सेंटर अधिकतर समय बंद रहता है। किसकी यहां तैनाती है और सीएचओ कब आती हैं, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। मरीज जब भी इलाज के लिए पहुंचते हैं तो उन्हें बंद गेट ही मिलता है, जिससे निराश होकर वापस लौटना पड़ता है। अकबरपुर इटौरा सहित आसपास के कई गांवों की करीब 15 हजार की आबादी इस सेंटर पर निर्भर है, लेकिन उन्हें इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सेंटर की स्थिति भी बदहाल है। बाहर गिट्टी पड़ी है और चारों ओर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जबकि कमरों के अंदर धूल जमी है, जिससे साफ है कि यहां नियमित सफाई भी नहीं होती। हालत ऐसे हैं कि अस्पताल कम और कूड़ाघर ज्यादा नजर आता है।
ग्रामीण देवेंद्र कुमार, प्रिंस, रोहित और नवीन पांडेय का कहना है कि सेंटर के खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है और अधिकतर समय ताला ही लटका रहता है, जिससे उन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
10 रुपये की दवा के लिए खर्च करने पड़ते सौ रुपये
फोटो – 04 प्रीतम सिंह।
ग्रामीण प्रीतम सिंह ने बताया कि छोटी-छोटी बीमारियों जैसे जुकाम और बुखार के इलाज के लिए भी निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। दस रुपये की दवा के लिए सौ रुपये खर्च करने पड़ते हैं। यदि सेंटर नियमित रूप से खुले तो यह आर्थिक बोझ कम हो सकता है।
खंडहर में तब्दील होता सेंटर
फोटो – 05 नरेंद्र सिंह।
नरेंद्र सिंह ने बताया कि देखरेख के अभाव में हेल्थ सेंटर खंडहर जैसा होता जा रहा है। चारों ओर गंदगी फैली है और कोई स्वास्थ्यकर्मी नियमित रूप से नहीं आता। ग्रामीणों को यह भी नहीं पता कि यहां किसकी तैनाती है।
वर्जन
चिकित्सा अधीक्षक उदय कुमार ने बताया कि अकबरपुर हेल्थ सेंटर पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सीएमओ को पत्र लिखकर डॉक्टर की तैनाती की मांग की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

फोटो- 03अकबरपुर इटौरा हेल्थ वेलनेस सेंटर पर लटका ताला। (संवाद)– फोटो : अमर उजाला

फोटो- 03अकबरपुर इटौरा हेल्थ वेलनेस सेंटर पर लटका ताला। (संवाद)– फोटो : अमर उजाला
