सरकारी और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में दाखिला लेने वाले छात्रों के लिए इस बार अहम बदलाव किए गए हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्रवेश प्रक्रिया नई प्रणाली के तहत होगी। अब ऑनलाइन आवेदन से पहले सभी कोर्स सॉफ्टवेयर के जरिए मैप किए जाएंगे, जिससे छात्रों को उनके विषय और अंकों के आधार पर उपयुक्त ट्रेड मिल सके।
नई व्यवस्था में छात्रों को केवल कुल प्रतिशत ही नहीं, बल्कि हर विषय के अंक भी भरने होंगे। जैसे विज्ञान, गणित, हिंदी, अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान। इसके आधार पर सॉफ्टवेयर खुद ही कोर्स के विकल्प सुझाएगा। विषय के अनुसार कोर्स भी तय किए गए हैं। 10वीं में साइंस और मैथ पढ़ने वाले छात्र इलेक्ट्रीशियन, ड्रोन पायलट, मशीनिस्ट और मोटर मैकेनिक जैसे ट्रेड चुन सकेंगे। वहीं आर्ट्स के छात्र फिटर, सीएनसी और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) से जुड़े कोर्स कर सकेंगे। 8वीं पास छात्रों के लिए वायरमैन और वेल्डर जैसे विकल्प उपलब्ध रहेंगे।
राज्य व्यावसायिक प्रशिक्षण परिषद (एससीवीटी) की ओर से प्रदेश के करीब 3500 आईटीआई संस्थानों में 10 मई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इस बार 75% सीटें उसी जिले के छात्रों के लिए आरक्षित होंगी, जबकि 25% सीटों पर अन्य जिलों के छात्र प्रवेश ले सकेंगे। इसके अलावा, जो बच्चे पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं (ड्रॉप आउट), उन्हें भी मौका मिलेगा। मुख्य प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के एक महीने बाद खाली सीटों पर ऐसे छात्रों को सरकारी आईटीआई में दाखिला दिया जाएगा।
| नए सत्र में 20 नए राजकीय आईटीआई में प्रवेश का मौका | ||
| संस्थान | संस्थानों की संख्या | सीटें |
| राजकीय व पीपीपी मॉडल आईटीआई | 334 | 1.20 लाख |
| निजी आईटीआई | 3150 | 3 लाख |
| नए आईटीआई | 20 | 7 हजार |
