उरई के सिरसा कलार थाना क्षेत्र में हाईकोर्ट से उम्रकैद की सजा पाए वृद्ध ने बुधवार रात नलकूप की कोठी में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पिथऊपुर गांव में 42 साल पुराने दोहरे हत्याकांड में स्थानीय कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद सुनाई थी। हाईकोर्ट से जमानत पर छूटे थे। वृद्ध के पुत्र ने बताया कि हाईकोर्ट ने चार मई को उनकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी थी। वकील से यह जानकारी मिलने के बाद से जेल जाने के भय से वह परेशान थे।
सिरसा कलार थाना क्षेत्र के पिथऊपुर गांव में पुरानी रंजिश को लेकर 1984 में गांव के मंदिर में सोते समय सरवन ठाकुर व वीरेंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। पीड़ित पक्ष के बाबूराम ने गांव के ही बाबूराम, अमर सिंह (72), रामलखन व उरई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रूरा अड्डू निवासी समरथ सिंह के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने उस समय आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
