ममता अपनी लुटाती वो विश्वास दे, दुनिया रूठे मगर फिर भी मां साथ दे…। मां एक ऐसा किरदार जिसमें पूरी कायनात समाई है। हर तकलीफ सहकर भी मां अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए कोई कसर नहीं छोड़ती।

डॉ. सुमिता मिश्रा और डॉ. संजीव मिश्रा अपनी मां प्रो. प्रेम कुमारी मिश्रा के साथ।
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