राजधानी लखनऊ में चारबाग की रेवड़ी मंडी में करीब दो दर्जन से अधिक ऐसे होटल हैं, जहां अगर एक बार आग लगे तो न जाने कितने लोगों की जान चली जाए। कारण, इन होटलों में प्रवेश का सिर्फ एक ही रास्ते का होना, वेंटिलेशन की व्यवस्था और स्मोक डिटेक्टर का न होना है। रविवार को इन्हीं खामियों के साथ चल रहे पांच होटलों की पड़ताल की गई।
रेवड़ी मंडी में घुसते ही बाएं हाथ पर दो मंजिला शरनजीत होटल है। पहली नजर में तो पता ही नहीं चलता कि यह होटल है। मुश्किल से 300 वर्ग फीट में बने इस होटल के बाहर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। ठीक इसी के बगल से होटल तक पहुंचने का दो फीट चौड़ा रास्ता है। कमरे इतने छोटे हैं कि इसमें सिर्फ बेड पड़ने की ही जगह बचती है। इतना ही नहीं, होटल के बगल में तारों का मकड़जाल है, जो आग लगने पर घी का काम कर सकता है।
