अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सट्टेबाजी के आरोप में पकड़े गए आशीष उपाध्याय की ओर से दाखिल बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका की सुनवाई करते हुए रिहाई के आदेश दिए हैं। याची ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के जरिये गिरफ्तारी, हिरासत, रिमांड और अभिरक्षा को अवैध एवं मनमाना घोषित करने की मांग की थी। उसके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी निरस्त करने के साथ ही याची ने तत्काल रिहाई का आदेश पारित करने की मांग की थी।
बचाव पक्ष के तर्क सुनने के साथ कोर्ट के सामने अपर महाधिवक्ता ने राज्य की ओर से पक्ष रखा। दोनों पक्ष के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने याची की गिरफ्तारी, हिरासत एवं रिमांड को अवैध ठहराया। मंगलवार को हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए जिला रिमांड मजिस्ट्रेट की ओर से पारित रिमांड आदेश निरस्त कर दिया। इस दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार को विधि के अनुसार याची के खिलाफ नए सिरे से कार्रवाई करने की सुविधा को बहाल रखा है। कोर्ट ने उसकी तत्काल रिहाई के आदेश दिए हैं। ऐसे में अब आशीष की रिहाई की उम्मीद बन गई है।
