करीब बीस साल पहले कोतवाली इलाके में सराफा कारोबारी अजय वर्मा की दिन दहाड़े हत्या मामले में दोषी ठहराए गए मान सिंह गुर्जर की आगरा जेल में मौत हो गई। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। मंगलवार को पैतृक गांव लकारा में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड में मान सिंह पर अभी भी कई सारे मामले दर्ज हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक एक नवंबर 2006 को सराफा कारोबारी अजय वर्मा की दुकान के अंदर गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। इस लोमहर्षक हत्याकांड में मान सिंह समेत सरदार सिंह गुर्जर, भरत गुर्जर, भोला गुर्जर, राव राजा, रिंकू गेड़ा एवं सोनू गेड़ा को आरोपी बनाया गया था। आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार करके जेल भेज दिया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोप सिद्ध होने पर जिला न्यायालय ने मान सिंह समेत अन्य आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 2009 में अभियुक्तों को अलग-अलग जेल में रखा गया। तभी से मान सिंह आगरा जेल में बंद था। जेल में मौत होने के बाद उसका शव परिजनों को सौंप दिया गया।
