अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईंधन बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील पर प्रदेश सरकार ने अमल करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसकी शुरुआत खुद अपने काफिले से करते हुए सरकारी वाहनों की संख्या में 50 फीसदी कटौती कर दी है। उनके इस कदम के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्रियों ने भी अपने सुरक्षा और सरकारी काफिलों को छोटा कर दिया है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अपने फ्लीट के वाहनों की संख्या आधी करने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री की अपील का पालन किया जाएगा। राष्ट्रहित सर्वोपरि है। आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने भी अपनी फ्लीट के वाहनों की संख्या को आधा कर दिया है। इसके अलावा कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, जलशक्ति राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने भी अपनी एस्कॉर्ट की गाड़ियों को वापस कर दिया है।
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स्टांप तथा पंजीयन राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने केवल एक एस्कॉर्ट वाहन का उपयोग करने का निर्णय लिया है। चीनी एवं गन्ना विकास राज्यमंत्री संजय गंगवार ने अपनी फ्लीट के सभी वाहनों को लौटा दिया है। उन्होंने सिर्फ एक ही वाहन से चलने का फैसला किया है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने भी खुद के फ्लीट में कटौती करते हुए अधिकारियों के साथ बैठक करके सरकारी वाहनों का उपयोग कम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बुधवार को बुलाई गई बैठक में क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को निर्देश दिया कि वह वरिष्ठ अधिकारियों की पूर्व अनुमति के बिना निदेशालय न आएं और वर्चुअल मीटिंग के जरिये ही बैठक करें।
विधानसभा समितियों के भ्रमण कार्यक्रम स्थगित
ईंधन बचाने के अभियान के तहत विधानसभा की विभिन्न संसदीय समितियों के पूर्व निर्धारित अध्ययन भ्रमण कार्यक्रमों को अग्रिम आदेशों तक स्थगित कर दिया गया है। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने पीएम की अपील के बाद इसका आदेश दिया है।
