राजधानी लखनऊ में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि विकसित भारत-जीरामजी अधिनियम-2025 ग्रामीण विकास को नई दिशा देगा। इस कानून के लागू होने से गांवों में विकास कार्य स्थानीय जरूरतों के आधार पर तय होंगे और हर ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन की गारंटी के साथ रोजगार का अधिकार मिलेगा।

उन्होंने बुधवार को कहा कि नया अधिनियम एक जुलाई 2026 से लागू होगा। इसके तहत ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की सक्रिय भागीदारी से विकास योजनाएं तैयार की जाएंगी। वर्तमान में मनरेगा के तहत 100 दिन रोजगार की व्यवस्था है। नई व्यवस्था में इसे बढ़ाकर 125 दिन किया गया है। 

अधिनियम के तहत जल संरक्षण परियोजनाओं, आजीविका से जुड़े कार्य और मौसम की मार से बचाव वाले काम प्राथमिकता में रहेंगे। नई व्यवस्था से श्रमिकों को कोई परेशानी नहीं होगी और वर्तमान कार्य जारी रहेंगे। जिन श्रमिकों का ई केवाईसी पूरा हो चुका है उनके मौजूदा जॉब कार्ड अस्थायी रूप से मान्य रहेंगे। लंबित ई केवाईसी से किसी श्रमिक को रोजगार से वंचित नहीं किया जाएगा।



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