राजधानी लखनऊ आज देश के चर्चित चेहरों, विचारों और विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। 78 वर्षों का गौरवशाली इतिहास समेटे और स्वर्णिम शताब्दी की ओर तेजी से बढ़ रहे अमर उजाला समूह का दो दिवसीय महाआयोजन ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ राजधानी में किया जा रहा है। होटल द सेंट्रम में 18-19 मई को राजनीति, अध्यात्म, उद्योग, सिनेमा, खेल और समाज के बड़े चेहरे जनता से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे वक्ता केवल अपने क्षेत्र के चर्चित नाम नहीं हैं, बल्कि अपने विचारों, कार्यों और हालिया गतिविधियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर बहस और चर्चा के केंद्र में बने हुए हैं। सूबे के मुख्यमंत्री से लेकर फिल्म कलाकार, उद्योगपति से लेकर आध्यात्मिक गुरु तक हर वक्ता अपने साथ अनुभव,संघर्ष और बदलते भारत की कहानी लेकर आ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। आइए कार्यक्रम से पहले सीएम योगी के बारे में जानते हैं-

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को पंचूर गांव, पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड में एक राजपूत परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम आनंद सिंह बिष्ट और माता का नाम सावित्री देवी है। सीएम योगी ने 1989 में ऋषिकेश के भरत मंदिर इंटर कॉलेज से 12वीं पास की और 1992 में हेमवती नंदन बहुगुणा गढवाल विश्वविद्यालय से गणित में बीएससी की। इसी कॉलेज से उन्होंने एमएससी भी की।

1998 में पहली बार भाजपा के टिकट से चुनाव लड़ा

1992 में योगी गोरखपुर आए और महंत अवैद्यनाथ से दीक्षा ली और 1994 में संन्यासी बन गए। महंत अवैधनाथ के निधन के बाद योगी को गोरखनाथ मंदिर का महंत बना दिया गया। बता दें कि 1998 में योगी ने गोरखपुर लोकसभा सीट से पहली बार भारतीय जनता पार्टी के टिकट से चुनाव लड़ा और वो जीत गए।

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12वीं लोकसभा चुनाव में सबसे कम उम्र के सांसद बने

12वीं लोकसभा चुनाव में वो सबसे कम उम्र के सांसद बने, उस समय उनकी उम्र केवल 26 वर्ष की थी। 1998 से लेकर मार्च 2017 तक योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सांसद रहे। 2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर लोकसभा सीट से लगातार पांच बार सांसद चुने गए।

गांव में रहता है सीएम योगी का परिवार

योगी आदित्यनाथ के पिता फॉरेस्ट रेंजर के पद से 1991 में रिटायर हो गए थे। उसके बाद से वे अपने गांव में रह रहे थे। योगी आदित्यनाथ अपना परिवार छोड़कर गोरखपुर महंत अवैद्यनाथ के पास चले गए थे। सीएम योगी चार भाई और तीन बहनों में दूसरे नंबर के हैं। 

योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक जीवन

सीएम योगी के गुरु अवैद्यनाथ ने 1998 में राजनीति से संन्यास लिया और योगी आदित्यनाथ को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया। यहीं से योगी आदित्यनाथ की राजनीतिक पारी शुरू हुई। 1998 में गोरखपुर से 12वीं लोकसभा का चुनाव जीतकर योगी आदित्यनाथ संसद पहुंचे तो उस समय वह सबसे कम उम्र के सांसद थे, वो 26 साल की उम्र में पहली बार सांसद बने। वहीं 2017 में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 2022 में दोबारा मुख्यमंत्री बने।



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