Lucknow: People protest against kukrail riverfront project.

पंतनगर में प्रदर्शन करतीं महिलाएं।
– फोटो : amar ujala

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कुकरैल रिवर फ्रंट के दायरे में अकबरनगर के बाद आए रहीमनगर, खुर्रमनगर, पंतनगर, इंद्रप्रस्थनगर, अबरारनगर के 2200 से ज्यादा घरों को अवैध बताते हुए लाल निशान लगाए जाने के बाद लोगों में आक्रोश है। पीड़ित लगातार इसे लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को पंतनगर में लोगों ने गांधीवादी तरीके से विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएं अपने घरों के बाहर बैठीं और अपने मुंह, कान और आंखें बंद कर विरोध जताया। लोगों ने अपने घरों के बाहर रजिस्ट्री की कापी चस्पा कर दी है जिससे वो साबित कर सकें कि उनका घर पूरी तरह से वैध है। लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।

इसके पहले रविवार को अबरारनगर के पार्क में सम्मेलन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कहा कि उनके घर वैध हैं। घरों को बचाने के लिए संवैधानिक तरीके से लड़ाई लड़ेंगे। साथ ही, खरीदी गई जमीन की रजिस्ट्री व दाखिल खारिज के दस्तावेज अदालत में पेश कर न्याय की गुहार लगाएंगे।

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लखनऊ बचाओ संघर्ष समिति के तत्वावधान में दोपहर दो से शाम 4:30 बजे तक आयोजित सम्मेलन में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, लखनऊ मध्य विधान सभा क्षेत्र के विधायक रविदास मेहरोत्रा, महापौर का चुनाव लड़ चुकीं वंदना मिश्रा आदि ने पीड़ितों की व्यथा सुनी और उत्पीड़न के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजाने का एलान किया। समिति के महामंत्री महबूब आलम ने बताया कि सम्मेलन में जो फैसला हुआ उसी के आधार पर लड़ाई लड़ी जाएगी।

उन्होंने कहा कि रहीमनगर, खुर्रमनगर, पंतनगर, इंद्रप्रस्थनगर, अबरारनगर के मकान वैध हैं। इन्हें अवैध बता लाल निशान लगाकर लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। सम्मेलन में राकेश पांडेय, जमीन अहमद सहित काफी तादाद में पीड़ित जुटे।

भाजपा की सरकार में इमरजेंसी से खराब दौर : मौर्य

पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि कुकरैल पर जनता नहीं सरकार अवैध कब्जा कर चहेतों के लिए रिवर फ्रंट बनाने की कोशिश कर रही है। कुकरैल रिवर फ्रंट के नाम पर जनता के घरों को गिराने का निर्णय आत्मघाती कदम है। सरकार यह काम करके अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है। इमरजेंसी में किसी के घरों पर बुलडोजर नहीं चला। भाजपा की सरकार में यह दौर इमरजेंसी से भी खराब है। घरों को बचाने के लिए आरपार का आंदोलन होगा।



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