स्मार्ट सिटी मिशन के तहत महानगर में 10 स्थानों पर करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत से वाटर एटीएम लगवाए गए थे लेकिन, जिस चिलचिलाती गर्मी में इनकी सबसे अधिक जरूरत थी, तब इनमें से अधिकांश दगा दे गए। कुछ एटीएम बूथ खराब पड़े हैं, तो कुछ बूथ ठंडा पानी देने के बजाय बूंद-बूंद गर्म पानी दे रहे हैं, ऐसे में लोग पेयजल के लिए परेशान हो रहे हैं।
रविवार को अमर उजाला टीम ने गर्मी में शहर के वाटर एटीएम का हाल देखा। नई बस्ती पुलिस चौकी के पास बना वाटर एटीएम खराब मिला। आसपास के लोगों ने बताया कि यह कई दिनों से काम नहीं कर रहा है। इलाइट चौराहे पर लगे वाटर एटीएम से बूंद-बूंद पानी मिल रहा था। यहां से निकलने वाला पानी भी गरम था। आगे जेल चौराहा पर लगा वाटर एटीएम खराब मिला। यहां कई दिनों से पानी नहीं मिल रहा है। खंडेराव गेट के पास लगे वाटर एटीएम बूथ का भी यही हाल है हालांकि दीनदयाल सभागार के सामने लगा वाटर एटीएम काम करता मिला लेकिन, इससे ठंडा के बजाये बूंद-बूंद गर्म पानी निकल रहा था। शाम करीब सात बजे वहां से गुजर रहे राहगीर के सिक्का डालने पर पानी मिला, लेकिन पानी गर्म था। बस स्टैंड पर लगे वाटर एटीएम से बीयू के छात्र विनोद ने जब बोतल भरने के लिए सिक्का डाला तो उसे पानी नहीं मिला।
बस स्टैंड पर खरीदकर पी रहे लोग पानी
बस स्टैंड के पास कहने को तो दो कूलर मशीन लगाए गए हैं लेकिन इनमें पानी गर्म पानी आ रहा है। वहीं, इनकी सफाई भी नहीं हो रही। ऐसे में यात्रियों को पांच रुपये लोटा और दस रुपये की पानी की बोतल खरीदकर पी रहे हैं। यहां पास में लगे वाटर एटीएम से भी इनको कोई फायदा नहीं है।
नगर निगम के प्याऊ का भी अता-पता नहीं
झांसी में पारा 44 डिग्री के पार होने के करीब है लेकिन, नगर निगम के प्याऊ का कुछ अता-पता नहीं है। यह हालत तब है जब इनके लिए निगम को सालाना लाखों रुपये का बजट आवंटित होता है। गर्मी में लोगों को राहत दिलाने के लिए सरकार की ओर भी लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद निगम प्रशासन की नींद नहीं टूटी। गर्मी में प्यास लगने पर राहगीरों को सार्वजनिक स्थान पर कोई भी प्याऊ नहीं मिलता।
वाटर एटीएम बूथ की नियमित मरम्मत एवं देखरेख कराई जाती है। वह काम क्यूं नहीं कर रहे हैं, इसे दिखवाया जाएगा। कुछ दिनों पहले ही इनकी मरम्मत कराई गई थी। इनको ठीक कराकर चलाया जाएगा। आकांक्षा राणा, नगर आयुक्त
