झांसी। रक्सा क्षेत्र के इमलिया गांव में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) से मुआवजे की रकम मिलने के बाद एक युवक अपनी कथित प्रेमिका के साथ लापता हो गया। पिछले करीब एक सप्ताह से दोनों का कोई सुराग नहीं लगने पर युवक की पत्नी ने थाने पहुंचकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
इमलिया गांव निवासी रुचि परिहार ने पुलिस को बताया कि उसके ससुर धनीराम की पांच एकड़ जमीन बीडा ने अधिग्रहित की थी। इसके एवज में मिले करीब एक करोड़ रुपये तीनों बेटों में बांटे गए। रुचि के मुताबिक उसके पति नीलेश के हिस्से में 25 लाख रुपये आए थे।
पत्नी का आरोप है कि पहले छोटा-मोटा काम कर परिवार चलाने वाला नीलेश मुआवजे की रकम मिलने के बाद पूरी तरह बदल गया। उसका रहन-सहन और व्यवहार अचानक बदलने लगा। इसी दौरान गांव की एक युवती से उसके प्रेम संबंध भी गहरे हो गए। रुचि का कहना है कि पैसे आने के बाद पति ने उससे दूरी बना ली और साथ रहने से भी इन्कार कर दिया। कुछ दिन पहले वह युवती के साथ घर छोड़कर चला गया। तब से दोनों का कोई पता नहीं है।
पति के लापता होने से परेशान रुचि अब छह साल के बेटे के साथ अकेली रह गई है। उसने पुलिस से पति को तलाशने और न्याय दिलाने की मांग की है। रक्सा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। दोनों की तलाश के लिए पुलिस आवश्यक जानकारी जुटा रही है।
जुबां पर आया पत्नी का दर्द…
रुचि के मुताबिक, आठ साल का रिश्ता और छह साल का बेटा होने के बावजूद पति ने परिवार छोड़ दिया। अब बेटे के भविष्य की चिंता सता रही है।
अचानक आई रकम से दरके रिश्ते
बीडा के तहत करोड़ों रुपये का मुआवजा मिलने के बाद झांसी के गांवों की तस्वीर तेजी से बदली है। जहां कई परिवारों ने नया कारोबार और मकान बनाए, वहीं कुछ परिवारों में रिश्तों में दरार और विवाद भी बढ़े हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अचानक आई बड़ी रकम कई घरों में तनाव की वजह बन रही है।
