जालौन। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही की प्रेरणा अब ग्रामीण क्षेत्रों में नई सामाजिक जागरूकता का रूप लेने लगी है। छानी खास गांव से शुरू हुई बुजुर्गों को शिक्षित करने की पहल अब दूसरे गांवों तक पहुंच गई है। मंगलवार को शेखपुर बुजुर्ग गांव में दो वृद्धजनों समेत कुल छह बुजुर्गों ने स्कूलों में प्रवेश लेकर पढ़ाई शुरू कर दी।
रविवार को ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिंकू सिंह राही ने छानी खास गांव पहुंचकर ग्रामीणों से संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने उन बुजुर्गों को प्रेरित किया जो किसी कारणवश बचपन में शिक्षा से वंचित रह गए थे। उन्होंने कहा था कि शिक्षा प्राप्त करने में उम्र कभी बाधा नहीं बनती और किसी भी आयु में पढ़ाई शुरू की जा सकती है।
एसडीएम की अपील का असर यह हुआ कि सोमवार को एक बुजुर्ग महिला समेत कई वृद्धजनों ने स्कूल में प्रवेश लिया था। इस पहल को व्यापक सराहना मिलने के बाद मंगलवार को शेखपुर बुजुर्ग गांव के बृजबिहारी गोस्वामी (72) और गुड्डी देवी वाल्मीकि (50) ने भी प्राथमिक विद्यालय पहुंचकर नामांकन कराया और बच्चों के साथ कक्षा में बैठकर पढ़ाई शुरू की।
वहीं छानी खास गांव में किरन (58), टीकाराम (69), राममूर्ति (66) और फूलन देवी (56) ने भी प्राथमिक विद्यालय में प्रवेश लिया। विद्यालय पहुंचने पर सभी बुजुर्ग विद्यार्थियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया। उन्हें बच्चों के साथ बैठाकर पढ़ाया गया तथा दोपहर में मिड डे मील भी दिया गया। खेल गतिविधियों के दौरान बुजुर्गों ने बच्चों के साथ कैरम खेलकर उत्साह भी दिखाया।
ग्रामीण क्षेत्र में बुजुर्गों के शिक्षा की ओर बढ़ते कदमों को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है और प्रशासन की इस पहल की सराहना की जा रही है।
