काकोरी। भीषण गर्मी का असर अब दुबग्गा सब्जी एवं फल मंडी के कारोबार पर भी दिखने लगा है। मंडी में बाहरी जनपदों से व्यापारियों की आमद कम होने से कारोबार प्रभावित हुआ है। रोजाना ढाई करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली मंडी अब 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक सिमट गई है। इससे आढ़ती, मजदूर और मुंशी सभी परेशान हैं।
मंडी आढ़ती व अध्यक्ष मयंक लाल यादव ने बताया पहले मंडी के 672 लाइसेंस धारकों की बिक्री प्रतिदिन करीब ढाई करोड़ रुपये तक पहुंचती थी, लेकिन अब गर्मी के कारण उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली, बाराबंकी, सुल्तानपुर और लखीमपुर खीरी समेत आसपास के जिलों से व्यापारी मंडी नहीं आ रहे हैं। कई व्यापारियों के लिए मजदूरों और मुंशियों की तनख्वाह निकालना भी मुश्किल हो गया है।
उधर, परिवहन भाड़ा बढ़ने के बाद बुधवार को मंडी में शिमला मिर्च 18 रुपये किलो, अदरक 42 रुपये किलो, धनिया 25 रुपये किलो, बैंगन 12 रुपये किलो, प्याज 16 रुपये किलो, कटहल 12 रुपये किलो, नींबू 90 रुपये किलो, पालक 13 रुपये किलो, करेला 20 रुपये किलो और कोल्ड स्टोरेज वाला आलू 10 रुपये किलो बिका। टमाटर की 25 किलो की कैरेट 250 रुपये में बिकी।
