वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज (तृतीय) से निर्वाचित सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को हाईकोर्ट के आदेश के पांच महीने बाद आखिरकार रविवार को नगर निगम मुख्यालय में शपथ दिलाई जाएगी। 19 दिसंबर 2025 को अदालत की लखनऊ खंडपीठ ने उनके प्रतिद्वंद्वी का निर्वाचन शपथ पत्र में अधूरी जानकारी देने के आधार पर रद्द किया था। इसके बाद से ललित पद की शपथ लेने के लिए जिलाधिकारी और महापौर के पास लगातार पत्र दे रहे थे।
कोर्ट ने पार्षद का शपथ ग्रहण न कराने पर कड़ा रुख अपनाया था। बृहस्पतिवार को दिए आदेश में कहा था कि 29 मई तक पार्षद को शपथ दिलाने के आदेश का पालन नहीं हुआ तो महापौर को कोर्ट में पेश होना पड़ेगा और निजी हलफनामा दाखिल करना होगा। इसके साथ महापौर सुषमा खर्कवाल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार भी सीज कर दिए गए थे। इसके बाद महापौर ने अस्पताल में भर्ती होने की बात कही थी। शनिवार को उन्होंने अस्पताल से डिस्चार्ज होने और रविवार सुबह नौ बजे शपथ ग्रहण कराने की जानकारी दी। इस दौरान नगर निगम ने मामले में विधिक राय भी ली।
एक नजर में मामला
नगरीय निकाय चुनाव-2023 में वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज (तृतीय) के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी प्रदीप कुमार शुक्ला उर्फ टिंकू शुक्ला ने सपा प्रत्याशी ललित किशोर तिवारी को मात दी थी। प्रदीप शुक्ला को 4972 और ललित तिवारी को 3298 मत मिले थे। ललित तिवारी ने भाजपा प्रत्याशी पर नामांकन के दौरान शपथ पत्र में शादी को लेकर गलत जानकारी देने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन रद्द करने की मांग की। अदालत ने सुनवाई के बाद प्रदीप कुमार शुक्ला का निर्वाचन रद्द करते हुए चुनाव में दूसरे स्थान पर रहे ललित तिवारी को वार्ड-73 से निर्वाचित पार्षद घोषित किया। यह आदेश 19 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था। मामला हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट तक गया। केस जीतने के बाद ललित किशोर तिवारी शपथ ग्रहण के लिए बीते पांच महीने से प्रयासरत थे। अब जाकर उनका शपथ ग्रहण होने जा रहा है।
कानून पर था भरोसा
भले ही समय लगा हो, लेकिन मुझे कानून पर पूरा भरोसा था। इस दौरान काफी संघर्ष भी करना पड़ा। खुशी इस बात है कि अदालत के आदेश के बाद अब शपथ ग्रहण होने जा रहा है।– ललित किशोर तिवारी, पार्षद वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज (तृतीय)
