मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बिजली कटौती के लेकर सख्त निर्देश दिया है। उन्होंने भीषण गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने, निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा एवं राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत को हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने का निर्देश दिए। वह रविवार को अपने सरकारी आवास पर बिजली व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में आमजन को समयबद्ध और सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। शिकायत मिलने पर तत्काल निस्तारण किया जाए। यह भी बताएं कि कितने देर में आपूर्ति बहाल होगी। उन्होंने विद्युत उत्पादन क्षमता को बढ़ाने, सभी संयंत्रों में तकनीकी दक्षता तथा रखरखाव व्यवस्था को प्राथमिकता देने, ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत करने, तकनीकी बाधा को न्यूनतम रखने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने भविष्य की मांग को देखते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने भूमिगत केबल वाले स्थलों पर खुदाई से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से विधिवत स्वीकृति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए ताकि विद्युत व्यवस्था बाधित न हो। मुख्यमंत्री ने सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और आपूर्ति प्रबंधन के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि 15 मई से विभिन्न पावर प्लांटों में अलग-अलग कारणों से बिजली उपलब्धता प्रभावित हुई। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन द्वारा 12 राज्यों के साथ पावर बैंकिंग व्यवस्था की गई है।
