लक्ष्मणपुरी बजरंगबली के जयकारों और मां गंगा की भक्ति के रंग में सराबोर रहने वाली है। पहली बार बड़ा मंगल और पावन गंगा दशहरा एक ही दिन पड़ा है। ऐसे में एक ओर जहां बजरंगबली के मंदिरों में जहां श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत महासंगम दिखेगा। वहीं दूसरी ओर सुबह से ही गोमती के घाटों पर भी आस्था का सैलाब दिखने वाला है। संस्कृत विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के आचार्य प्रो. अश्विनी पांडेय के अनुसार, बड़ा मंगल और गंगा दशहरा का एक ही दिन पड़ना दुर्लभ संयोग है। 

पहली बार ऐसा हुआ है जब बड़ा मंगल और गंगा दशहरा का एक ही दिन मनाया जा रहा है। साथ ही, मलमास की उपस्थिति इस दिन की धार्मिक महत्ता को कई गुना बढ़ा दी है। इससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ था जब मलमास, बड़ा मंगल और गंगा दशहरा एक साथ हुआ हो। ऐसे में पूजा और धार्मिक कार्यों से अधिक लाभ प्राप्त होने वाला है। इस दुर्लभ संयोग में नदी में स्नान कर हनुमान जी की पूजा करने से दस पाप और विकार नष्ट होंगे। 

भंडारा और दान करना अत्यंत फलदायी रहेगा। मान्यता है कि आज ही के दिन मां गंगा का धरती पर अवतरण हुआ था, इसलिए आज के दिन स्नान और हर वस्तु को दस की संख्या में दान का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। मां गंगा और हनुमान जी की कृपा एक साथ बरसेगी।

बजरंगबली के साथ मां गंगा-गोमती की होगी अराधना

राजधानी के तमाम छोटे-बड़े हनुमान मंदिरों बजरंगबली की पूजा के साथ मां गंगा-गोमती की होगी अराधना भी की जाएगी। गोमती तट सि्थत लेटे हुए हनुमान मंदिर के महंत डॉ. विवेक तांगड़ी ने बताया कि मां गोमती की विशेष आरती की जाएगी। 

साथ ही, भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह गोमती तट स्थित हनुमान सेतु मंदिर और हनुमत धाम में भी बजरंगबली के साथ मां गंगा और गोमती की अराधना की जाएगी। सुंदरकांड के साथ मां गंगा की आरती की जाएगी। 



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