मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संविदा एमबीबीएस चिकित्सकों का मानदेय बढ़ाया जाना चाहिए ताकि बेहतर चिकित्सक सरकारी सेवाओं से जुड़ें। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत कोविड के दौरान कार्य करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर यथोचित समायोजन किया जाए। आशा वर्करों का भुगतान किसी भी स्थिति में लंबित न रहे। हेल्थ एटीएम का विस्तार किया जाए। संचारी रोग नियंत्रण अभियान को प्रभावी बनाया जाए। सीएम ने यह निर्देश मंगलवार को अपने सरकारी आवास पर स्वास्थ्य तथा चिकित्सा शिक्षा विभागों के कार्यों की समीक्षा के दौरान दिए।

बैठक में सीएम ने आगामी महीनों में प्रस्तावित महत्वपूर्ण लोकार्पण एवं शिलान्यास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने एंबुलेंस रिस्पॉन्स टाइम को और कम करने के निर्देश दिया। तीन माह से कम एक्सपायरी अवधि वाली दवाएं अस्पतालों में नहीं होनी चाहिए। उनकी जगह नई दवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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ट्रामा सेंटर का नेटवर्क बनेगा

सीएम ने निर्देश दिया कि मेडिकल संस्थानों को रिसर्च आधारित स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए। ऐसे में उन्हें बताया गया कि डिजिटल पहल, मल्टी डिसिप्लिनरी रिसर्च यूनिट, क्लिनिकल ट्रायल यूनिट तथा मेड-टेक कार्यक्रमों पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। चिकित्सा अनुसंधान और मेड-टेक क्षेत्र में लगभग 1,500 करोड़ रुपये निवेश के लिए इंटेन्ट फाइल किए गए हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर मिशन, यूपी ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क, प्रोजेक्ट सुश्रुत तथा केयर अप मिशन की कार्ययोजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया।

बताया गया कि यूपीनेट के जरिए प्रदेश में आपातकालीन ट्रॉमा नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जबकि केयर यूपी के तहत मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में आईसीयू एवं एचडीयू सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है। बैठक में मुख्यमंत्री को बताया गया कि वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में 26.41 करोड़ ओपीडी सेवाएं और 1.23 करोड़ आईपीडी सेवाएं दी गईं। प्रदेश में 652 नर्सिंग संस्थान चल रहे हैं। एमबीबीएस से लेकर नर्सिंग तक की सीटें बढ़ी हैं।

लोहिया संस्थान में हुई 376 से ज्यादा रोबोटिक सर्जरी

बैठक में बताया गया कि डॉ राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ की उपलब्धियों की भी जानकारी दी गई। संस्थान में 376 से अधिक रोबोटिक सर्जरी तथा 250 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण किए जा चुके हैं। यहां प्रदेश का पहला गामा नाइफ सेंटर स्थापित किया जा रहा है। लोहिया संस्थान के नए परिसर में 1,010 बेड क्षमता वाले अत्याधुनिक चिकित्सालय के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं एसजीपीजीआई में 500 बेड एडवान्स पीडियाट्रिक सेन्टर परियोजना पर कार्य प्रगति पर है।



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