भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर अव्यवस्थाओं के विरोध में सोमवार को कस्टम हाउस एजेंटों, क्लीयरिंग एजेंटों और ट्रक चालकों ने कार्य बहिष्कार कर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। इससे सीमा पार आयात-निर्यात पूरी तरह ठप हो गया और आईसीपी परिसर में 200 से अधिक ट्रक फंस गए।

प्रदर्शनकारियों ने लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) प्रबंधन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और बुनियादी सुविधाएं न देने का आरोप लगाया। सीमा शुल्क आयुक्त को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पार्किंग पास जारी करने में देरी, गेट पास की जटिल प्रक्रिया और कर्मचारियों की कार्यशैली से ट्रांसपोर्टरों व निर्यातकों को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।

क्लीयरिंग एजेंटों का कहना है कि पहले व्यवस्थाएं सुचारु थीं, लेकिन नई प्रबंधन व्यवस्था के बाद समस्याएं लगातार बढ़ी हैं। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने आईसीपी का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिससे भारत-नेपाल व्यापार प्रभावित हो रहा है।

व्यापारी विजय जायसवाल ने बताया कि नेपाल जाने वाले पेट्रोलियम टैंकरों की निकासी में पहले दो घंटे लगते थे, लेकिन अब आठ घंटे से अधिक समय लग रहा है। भीषण गर्मी में डीजल, पेट्रोल और गैस से भरे दर्जनों टैंकर खड़े रहने से हादसे का खतरा बढ़ गया है, लेकिन प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।



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