नगर निगम में भारी भरकम नामांतरण शुल्क चुकाने से भवन स्वामियों को राहत मिल गई। प्रस्तावित नियमावली में किसी तरह की आपत्ति न आने के बाद नगर निगम की ओर से नई नियमावली मंजूर कर ली गई। अब नामांतरण कराने वालों को करीब चार गुना तक छूट मिल सकेगी।
अभी भवनों के नामांतरण के लिए नगर निगम संपत्ति की कुल कीमत का एक प्रतिशत शुल्क वसूलता था। इस हिसाब से 15 लाख रुपये कीमत के भवन का नामांतरण कराने के लिए भवन स्वामी को 15 हजार रुपये चुकाने पड़ते थे। सूबे में सबसे अधिक दर पर झांसी में नामांतरण शुल्क वसूला जा रहा था। शासन तक शिकायत पहुंचने के बाद निगम प्रशासन ने कुछ महीने पहले कवायद शुरू की थी। मई माह तक आपत्तियां दाखिल की जानी थी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार का कहना है किसी तरह की आपत्तियां न आने पर प्रस्तावित नियमावली की दरों को लागू कर दिया गया। इसमें पांच लाख कीमत की संपत्ति के लिए अब एक हजार रुपये शुल्क चुकाना होगा।
