लखनऊ के माल इलाके के आजादनगर गांव में सोमवार जितेंद्र प्रताप सिंह ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर अपनी पत्नी मोनिका (45) की हत्या कर दी। आरोपी वारदात के बाद दूसरे कमरे में बेसुध मिला। उसे गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। आरोपी ने पत्नी की हत्या क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है।

मूलरूप से रायबरेली के खीरों के अजीतपुर निवासी दोपहर सेवानिवृत्त दरोगा चंद्रभूषण कई वर्षों से माल के आजादनगर में परिवार के साथ रहते हैं। उनके अनुसार, घटना के समय घर में केवल बेटा जितेंद्र और बहू मोनिका थे। उनके दोनों पोते अंशुमान और अभिमन्यु सीएमओ कार्यालय किसी काम से गए थे। दोपहर में भोजन करने के बाद वह टहलने चले गए थे। लौटने पर वह घर के बाहर बनी बैठक में बैठ गए। 

कुछ देर बाद दोनों पोते भी आ गए। दोनों घर के अंदर पहुंचे तो मां के कमरे की कुंडी बाहर से बंद मिली। बड़े बेटे अंशुमान ने कुंडी खोली तो खून से लथपथ मां का शव फर्श पर मिला। कमरे में चारों ओर खून बिखरा हुआ था। जितेंद्र दूसरे कमरे में बेसुध हालत में मिला। कमरे में उल्टी और गंदगी भी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जितेंद्र को सीएचसी पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने जहरीला पदार्थ खाने की आशंका जताते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।

सिर से लेकर पैर तक मिले घाव के निशान

मोनिका के शरीर पर धारदार हथियार से करीब एक दर्जन वार के निशान थे। सिर, चेहरे, गले, सीने, पेट और पैरों पर गंभीर चोटें मिलीं। जितेंद्र ने पत्नी की इतनी बेरहमी से हत्या क्यों की, यह सवाल अनसुलझा है। परिजनों ने भी इस बारे में कुछ नहीं बताया है। पुलिस हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

बेटे की तहरीर पर हत्या की एफआईआर दर्ज, हथियार बरामद नहीं

हत्या की सूचना पर एडीसीपी नॉर्थ टिंकल जैन और एसीपी मलिहाबाद सुजीत कुमार दुबे मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए। एडीसीपी ने बताया कि मृतका के बेटे की तहरीर पर जितेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपी अभी बयान देने की स्थिति में नहीं है। इसलिए हत्या की सही वजह सामने नहीं आ सकी है। वारदात में इस्तेमाल हथियार भी बरामद नहीं हो सका है।

 



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