UP: Old pension issue will arise again in the state, state employees will agitate, issue of promotion will als

पुरानी पेंशन स्कीम के लिए सड़कों पर उतरेंगे कर्मचारी।
– फोटो : अमर उजाला

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 राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पुरानी पेंशन लागू करने के लिए फिर आंदोलन की घोषणा की है। परिषद के अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने कहा कि सरकार के आदेशों की अवहेलना से प्रदेश के करीब 1.50 लाख कार्मिकों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। वे बृहस्पतिवार को लंबित विभिन्न समस्याओं को लेकर प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

उन्होंने 15 दिन में समस्याओं के निस्तारण की मांग की। कहा, सरकार ने पुरानी पेंशन के लिए कई आदेश किए, लेकिन इसका पालन न होने से वर्कचार्ज कार्मिक, ट्यूबवेल ऑपरेटर व अन्य संवर्गों के कार्मिकों का इसका लाभ नहीं मिल रहा है। परिषद कैशलेस चिकित्सा नियमावली, सफाई कार्मिक सहित अन्य संवर्गों की लंबित सेवा नियमावली, पदोन्नति और विभागीय स्तर पर कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव व विभागाध्यक्ष स्तर पर हर माह बैठक के लिए मुख्य सचिव से मिलेगा।

उन्होंने कहा कि 15 दिनों में राज्य स्तर पर समस्याओं के निराकरण न होने पर प्रदेश स्तर पर आंदोलन की घोषणा की जाएगी। प्रदेश के कई विभागों में कार्यरत लगभग 1.50 लाख कार्मिकों को अफसरों की लापरवाही से 30 जून 1998 तक नियुक्त वर्कचार्ज, डेलीवेज, अंशकालिक कार्मिकों को नियमित नहीं किया जा सका। इस मौके पर परिषद के महामंत्री शिवबरन सिंह, कार्यवाहक अध्यक्ष एनडी द्विवेदी, डीबी सिंह, श्रवण कुमार, दिवाकर राय भी उपस्थित थे।

कर्मचारियों की मुख्य मांग

– अप्रैल 2005 के बाद नियमित हुए, लेकिन पूर्व में 20-30 वर्ष दैनिक वेतन, वर्कचार्ज, अतिथि वक्ता, संग्रह अमीन आदि रूप में काम कर चुके कार्मिकों को केंद्र की भांति पूर्व की सेवा जोड़कर पेंशन का लाभ दिया जाए।

– सफाई कर्मचारियों की सेवा नियमावली और पदोन्नति व्यवस्था कराई जाए।

– विभिन्न संवर्गो जैसे जिलेदार, सींच पर्यवेक्षक, सींचपाल, नलकूप चालक, सफाई कर्मी की सेवा नियमावली तय समय में बनाई जाए।

– फील्ड कर्मचारियों को उच्च स्तरीय समिति में तयशुदा मोटर साइकिल भत्ता स्वीकृत किया जाए।

– संविदा/आउट सोर्सिंग कर्मचारियों को निश्चित अवधि के बाद पूर्णकालिक राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए और सेवा नियमावली बनाई जाए।

– आंगनबाड़ी कार्यकत्री, रसोइयां, ग्राम रोजगार सेवकों, मनरेगा कर्मी, एनआरएचएम कर्मी, कंप्यूटर ऑपरेटर आदि को राजकीय कर्मचारी घोषित किया जाए।



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