डिजिटल डेस्क, लखनऊ
Published by: Akash Dwivedi

Updated Thu, 11 Jun 2026 11:45 AM IST

केजीएमयू और आईआईटीआर के संयुक्त अध्ययन में पता चला कि कोविड से ठीक होने के बाद भी शरीर में लंबे समय तक प्रभाव बने रह सकते हैं। शोध में डीएनए क्षति, कोशिकीय तनाव और एंटीऑक्सीडेंट स्तर में कमी देखी गई। 40 मरीजों पर हुए अध्ययन में पुरुषों में असर अधिक पाया गया। वैज्ञानिकों ने पोस्ट कोविड स्वास्थ्य निगरानी और उपचार की आवश्यकता बताई।


UP: COVID is gone, but DNA damage persists—startling findings by KGMU and IITR; men at higher risk.

प्रतीकात्मक फोटो
– फोटो : Social Media



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कोविड संक्रमण से ठीक हो चुके लोगों को पूरी तरह स्वस्थ मान लेना जल्दबाजी हो सकती है। यह शरीर में छिपे तौर पर नुकसान छोड़ जाता है। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) और भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) के वैज्ञानिकों के साझा अध्ययन में यह तथ्य सामने आया है। अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया है कि कोविड संक्रमण खत्म होने के बाद भी शरीर के अंदर कुछ नुकसान लंबे समय तक बने रहते हैं। 


ऐसे मरीजों के शरीर में कोशिकाओं पर दबाव बढ़ जाता है और डीएनए को भी नुकसान पहुंचता है। शोधकर्ताओं ने पाया कि पोस्ट कोविड मरीजों में शरीर को नुकसान से बचाने वाले एंटीऑक्सीडेंट तत्व कम हो गए थे। दूसरी ओर कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले तत्व अधिक मिले। इससे शरीर के ऊतकों और डीएनए पर असर पड़ने की आशंका बढ़ जाती है।


 



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