नौकरी के नाम पर रुपये हड़पने और जानलेवा हमले के आरोपी केशभान पटेल ने सोमवार को एडीजे तृतीय कनिष्क सिंह की कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। वहां से आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया।

चिरगांव के मुड़ई निवासी राजेश गुमनावारा में किराये से कमरा लेकर अपनी परिवार के साथ रहता था। इस दौरान केशभान पटेल से उसका परिचय हुआ। आरोपी ने खुद को बीकेडी अध्यक्ष बताते हुए बीकेडी में ही चपरासी नौकरी लगवाने का झांसा दिया था। नौकरी लगवाने के एवज में उससे पांच लाख रुपये ले लिए थे। 20 दिसंबर 2021 को उसे एक नियुक्ति पत्र भी दे दिया। कॉलेज में जॉइन करने के लिए पहुंचने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। जब उसने पांच लाख रुपये वापस मांगे थे। मारपीट की। मामले में पुलिस ने केशभान समेत दो अन्य के खिलाफ धारा 307, 420, 323, 504, 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

उक्त मामले में आरोपी लगातार जमानत के लिए याचिका दाखिल कर रहा था पर सुप्रीम कोर्ट ने नौ जून 2026 को एंटीसिपेटरी बेल को खारिज कर दिया था। उक्त मामला एडीजे द्वितीय के यहां लंबित था पर छुट्टी पर होने के कारण उन्होंने एडीजे तृतीय कनिष्क सिंह की कोर्ट में सरेंडर कर दिया वहां से उसे पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।

छठवीं जमानत भी खारिज

आत्मसमर्पण से पहले केशभान पटेल ने जिला जज कोर्ट में आत्मसमर्पण के बाद जमानत याचिका दाखिल की थी। न्यायाधीश ने मामले को गंभीर बताते हुए जमानत याचिका निरस्त कर दी। पीड़ित की अधिवक्ता साधना पटेल के अनुसार जिला कोर्ट में दो बार, हाईकोर्ट में दो बार और एक बार सुप्रीम कोर्ट में बाहर के बाहर के बाहर जमानत लेने के लिए याचिका दाखिल की थी पर कहीं से भी राहत नहीं मिली। आखिरी बार सोमवार को एक बार फिर जमानत याचिका दी फिर भी राहत नहीं मिली।



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