झांसी। गेहूं खरीद में झांसी प्रदेश में अव्वल रहा। जबकि, दूसरे स्थान पर प्रयागराज और तीसरे स्थान पर शाहजहांपुर रहा। जिले में अब तक 13,479 किसानों ने क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा। कुल 82,575 एमटी (मीट्रिक टन) खरीद की गई।
मार्च के आखिरी सप्ताह में खरीद करने के लिए जनपद में 66 क्रय केंद्र खोले गए थे। हालांकि खरीद अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में मंडियों की ओर रुख करना शुरू किया था और मई में खरीद में तेजी आई थी। शुरूआत में कई किसान बारदाना न होने के कारण कई दिनों तक क्रय केंद्र पर गेहूं बेचने के इंतजार भी करना पड़ा था। एक कंपनी से बारदाना उपलब्ध कराने की सहमति के बाद बारदाना उपलब्ध हुआ। उसके बाद बंपर खरीद हुई। जिला खाद्य विपणन अधिकारी संतोष पटेल ने बताया कि आखिरी दिन किसानों से गेहूं खरीद प्रभावित न हो इसके लिए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध करा दिया गया था। निरीक्षण में सभी केंंद्र प्रभारी भी अपने-अपने केंद्रों पर तैनात रहे।
99,500 एमटी का था लक्ष्य, 17,757 लाख का भुगतान
इस साल गेहूं खरीद 2025-26 के लिए शुरूवात में जनपद को गेहूं का लक्ष्य नहीं दिया गया था। अप्रैल के बाद विभाग को शासन ने 99,500 एमटी खरीद का लक्ष्य दिया। लक्ष्य के सापेक्ष करीब 82.59 प्रतिशत खरीद हुई है। खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि 72 घंटे में खरीद का भुगतान करने का लक्ष्य है लेकिन इसका आकड़ा स्पष्ट नहीं पर शासन की तरफ से 17,757 लाख का भुगतान आरटीजीएस के माध्यम से अब तक किया जा चुका है। अभी कई और किसानों के समय सीमा के अंदर भुगतान होने का आश्वासन अधिकारी की ओर से दिया गया है।
पिछले साल के मुकाबले दोगुना हुई खरीद
पिछले साल का खरीद का डेटा बताता है कि इस बार दोगुना से अधिक किसान मंडी पहुंचे साथ ही खरीद भी दोगुना से अधिक हुई है। पिछले साल 6524 किसानों से 41628 एमटी की खरीद की गई थी। जबकि इस साल 13479 किसान से 82575 एमटी खरीद की गई है।
