प्रदेश के भाजपा संगठन की नई टीम को लेकर चिंतन-मंथन का काम अब समाप्त हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक संगठन में कई बड़े नेताओं की सिफारिशों की वजह से आ रही दिक्कत को भी दूर कर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने दो दिनों से दिल्ली में सिफारिश करने वाले सभी नेताओं से संपर्क करके उसका समाधान निकालने की कोशिश किया है। ऐसे माना जा रहा है कि अब कोई गतिरोध नहीं है। सूची भी लगभग फाइनल हो गई है और इसे अब कभी भी जारी किया जा सकता है।
सूत्रों के मुताबिक संगठन में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले महामंत्री समेत कई अन्य पदों में भारी बदलाव दिख सकता है। वहीं, कुछ नए चेहरों को प्रदेश टीम में स्थान देने पर भी सहमति बनी है। इस बार संगठन के गठन में विधान सभा चुनाव के लिहाज से जातीय व क्षेत्रीय संतुलन बनाने को लेकर शीर्ष नेतृत्व ने पूरा फोकस रखने के निर्देश दिए हैं।
संगठन चुनाव की लम्बी प्रक्रिया के बाद पंकज चौधरी दिसंबर 2025 में प्रदेश अध्यक्ष बने थे। तब से वह और प्रदेश महामंत्री संगठन प्रदेश कार्यकारिणी के गठन को लेकर मंथन कर रहे हैं। इसके लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक कई दौर की बात हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक हाल ही में कुछ संशोधनों के बाद केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कार्यकारिणी को सहमति दे दी है। ऐलान कभी भी हो सकता है।
सभी वर्गों को भागेदारी
प्रदेश कार्यकारिणी में इस समय सात महामंत्री हैं। वहीं 16-16 उपाध्यक्ष और मंत्री हैं। नई कार्यकारिणी में महामंत्री पद को लेकर कई दावेदार थे। प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व की सहमति से तय किया गया है कि एक जाति का एक ही महामंत्री होगा, ताकि सभी वर्गों को भागेदारी मिल सके।
वहीं अन्य पदों पर भी सभी जातियों, खासतौर से ओबीसी और दलितों को उचित भागेदारी देने पर सहमति बनी है। पूर्वांचल से अभी कई अहम पदाधिकारी है। नई कार्यकारिणी में पश्चिम को अधिक भागेदारी पर विचार किया गया है।
बदले जाएंगे क्षेत्रीय अध्यक्ष
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात हुई थी। उनके एक पुत्र पंकज सिंह विधायक और प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और दूसरे बेटे नीरज सिंह भी राजनीति में सक्रिय हैं। ज्यादातर क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। पंकज चौधरी गुरुवार को दिल्ली से सीधे महाराजगंज के लिए रवाना हो गए थे। माना जा रहा है कि वहां से लखनऊ लौटने के बाद कभी भी कार्यकारिणी का ऐलान कर सकते हैं।
