सिविल लाइंस स्थित इलाहाबाद बैंक तिराहे के पास अरबों रुपये की बेशकीमती जमीन हड़पने के अधिकांश आरोपी प्राथमिकी दर्ज होने के बाद झांसी छोड़कर भाग निकले। एक नामी जमीन कारोबारी थाईलैंड भाग निकला जबकि दूसरा बाली (इंडोनेशिया) चला गया। तकरीबन सभी आरोपी हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद में उसके खुलने का इंतजार कर रहे हैं। उधर, मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार को मौके पर पहुंचकर वहां का नजरी नक्शा तैयार करने समेत अन्य जरूरी कार्रवाई पूरी की। पुलिस आरोपियों को भी तलाश रही है।
होशंगाबाद के पिपरिया निवासी राघवेंद्र पालीवाल ने नवाबाद थाने में नैविल रौनी डिक्क समेत रवि राय, संजय राय, अखिल राय, आशुतोष राय, अमित सिंह, शैली राय, नरेंद्र कौशिक, मयूर अग्रवाल, सुमित राय, रजत गुप्ता, ऋषभ राय, संजय निगम, फिरदोस पी. भागलिया, विनोद प्रजापति, फरूख पेस्टनजी और मोना हांडा के खिलाफ नवाबाद थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद से महानगर के जमीन कारोबारियों में हलचल मची है। आरोपियों की तलाश पुलिस ने शुरू की लेकिन, अधिकांश मुख्य आरोपी पहले झांसी छोड़कर दूसरे ठिकाने की ओर चले गए। इनमें से कई विदेश जा चुके हैं। मयूर थाईलैंड चला गया। इसी तरह अन्य आरोपी भी पुलिस की पहुंच से दूर गोपनीय ठिकानों में जा छुपे हैं। एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति का कहना है कि अभी प्राथमिकी दर्ज करके विवेचना शुरू कराई गई है। इस मामले में जल्द ही आगे भी कार्रवाई होगी।
कई भाजपा नेताओं ने करा रखी है जमीन की रजिस्ट्री
सिविल लाइंस के खाता संख्या 52 में दर्ज आराजी संख्या 294 की 1.668 हेक्टेयर जमीन की रजिस्ट्री कई भाजपा नेताओं के पास है। छानबीन में इन भाजपा नेताओं के नाम भी सामने आए। इस वजह से पुलिस बहुत फूंक-फूंककर कदम आगे बढ़ा रही है। पुलिस पहले पुख्ता सुबूत जुटाने में जुटी है, जिससे विवेचना में नाम सामने आने पर मजबूती से शामिल किया जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है पिछले तीन साल से यहां प्लाटिंग की जा रही है। यहां के जमीन के दाम भी 25 से 35 हजार रुपये वर्गफीट तक है।
