सुभासपा अध्यक्ष और राज्य सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर का सपा मुखिया अखिलेश यादव पर हमला जारी है। सैफई परिवार का भ्रष्टाचार पार्ट-2 का पोस्टर चस्पा करते हुए शनिवार को उन्होंने कहा कि सैफई परिवार आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से भ्रष्टाचार में फंसा है।
आधिकारिक एक्स हैंडल पर लंबी पोस्ट में राजभर ने कहा कि अखिलेश यादव की सरकार में हुए भ्रष्टाचार के कुछ नमूने देखने हो तो सबसे बड़ा उदाहरण लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार से धन कमाने के लिए एक्सप्रेस-वे इतना घुमाया और ऊपर-नीचे किया कि यह हादसों के एक्सप्रेसवे के रूप में कुख्यात हो गया। कई लोग इसे मौत का एक्सप्रेसवे भी कहते हैं। जल्दी से जल्दी पैसा कमाने के लिए मानकों की अनदेखी की गई। अब तक न जाने कितने लोगों की जान जा चुकी है और कितने परिवार बिखर गए हैं, गिनना मुश्किल है।
राजभर ने आरोप लगाया है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में सैफई परिवार और उसके खासमखास लोगों ने जनता के पैसों की बंदरबांट की। फिरोजाबाद से लेकर इटावा तक लूट के किस्से भरे पड़े हैं। औने-पौने भाव में जमीनें खरीदी गईं। फिर एक्सप्रेसवे का रूट पास किया गया। रूट मोड़ा गया। रिकॉर्ड में बदलाव करके जमीनों को आवासीय बता दिया गया। कई रजिस्ट्री तो एक्सप्रेसवे की घोषणा के बाद हुईं। फिर मुआवजे में भारी लूट की गई।
जब एक्सप्रेसवे निकला तो सैफई परिवार और उनके खासम-खास लोगों की जमीनों के भाव आसमान में पहुंच गए। निजी फायदे के लिए एक्सप्रेसवे को अपने घर के दरवाजे तक मोड़ दिया गया। इसकी वजह से एक्सप्रेसवे की लंबाई 270 किलोमीटर से बढ़कर 300 किलोमीटर से ज्यादा हो गई। लोग अब भी इसकी कीमत चुका रहे हैं। ज्यादा देरी और दूरी के कारण धन, ईंधन और समय तीनों का नुकसान होता है। सैफई परिवार को इसकी सजा जरूर मिलेगी।
