महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल अस्पताल के गेट नंबर 3 के पास से शनिवार सुबह लहूलुहान हाल में एंबुलेंस चालक महिपत (32) की लाश बरामद हुई। उसके शरीर में चोट के निशान मिले हैं। परिजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। पोस्टमार्टम में मौत की वजह साफ नहीं हो सकी। पुलिस ने विसरा सुरक्षित रखने के साथ ही आसपास के सीसीटीवी कैमरों को खंगालने में जुटी है।
महिपत बड़ागांव थाना क्षेत्र के बिरगुआं गांव का निवासी था। परिजनों ने पुलिस को बताया कि वह झांसी में रहकर प्राइवेट एंबुलेंस गाड़ी चलाता था। पांच भाइयों में छोटा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। दो दिन पहले गांव से झांसी आया था। उसके बाद से उसने घर में फोन नहीं किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे महिपत का शव गेट के पास सड़क किनारे पड़ा हुआ था। उसके शरीर में चोट के निशान थे। नाक से खून खून जमा था। शव कुछ घंटे पुराना लग रहा था। सूचना मिलने पर नवाबाद पुलिस भी पहुंच गई। सीओ सिटी रामवीर सिंह का कहना है कि मौत की वजह साफ न होने की वजह से विसरा सुरक्षित रखा गया है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है। इसके मुताबिक आगे कार्रवाई की जाएगी।