उत्तर प्रदेश में बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग के लाखों शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों आदि को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का इंतजार बढ़ता जा रहा है। सीएम की घोषणा के लगभग आठ महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी इसकी तैयारियां पूरी नहीं हो पा रही हैं।
जानकारी के अनुसार इसके लिए तैयार कार्ड को अभी हरी झंडी नहीं मिली है। साचीज के साथ मिलकर इसका पोर्टल भी शुरू किया गया है। इसमें बेसिक शिक्षा विभाग के एक लाख से अधिक शिक्षकों का डाटा फीड भी हो गया है। जबकि माध्यमिक के अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) 50 से अधिक जिलों के शिक्षकों का डाटा नहीं मिला है। हाल ही में माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने लखनऊ, अमेठी, रायबरेली, सीतापुर, गोंडा, अयोध्या समेत सभी संबंधित जिलों को इसके लिए पत्र भेजा है।
इन जिलों ने विद्यालयों से संबंधित सूचना स्टेट डाटा फार्मेट व डीआईओएस ने संबंधित सूचना निर्धारित लिंक में फीड नहीं कराई है। उन्होंने सभी डीआईओएस को निर्देश दिया है कि वे संबंधित सूचना कॉलेज प्रधानाचार्यों से प्राप्त कर जल्द फीड कराएं।