8 साल पहले बीमित अवधि में रेल की चपेट में आने से हुई युवक की मौत के मामले में स्थाई लोक अदालत ने संबंधित बीमा कंपनी को उसकी मां को ब्याज समेत 5 लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया। उसे वाद व्यय और मानसिक कष्ट की राशि भी देनी होगी।
पारीछा निवासी रामरती ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। उल्लेख किया था कि 12 नवंबर 2018 को दतिया रेलवे स्टेशन पर रेल की चपेट में आने से उसके बेटे रवि की मौत हो गई थी। उस वक्त रवि का मुख्यमंत्री किसान एवं सर्वहित बीमा योजना के तहत बीमा था। वह एकमात्र घर का कमाने वाला सदस्य था। उसकी मौत से परिवार की आजीविका छिन गई लेकिन, मौत के बाद द ओरिएंटल इंश्योरेंस बीमा कंपनी से क्लेम मांगने पर उसने देने से इन्कार कर दिया। स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष विजयकृष्ण सिंह और सदस्य डॉ.कपिलनाथ श्रंगिऋषि ने निर्णय दिया कि बीमा कंपनी मृतक की मां को 8 फीसदी ब्याज के साथ 5 लाख रुपये अदा करे। वाद व्यय के रूप में 10 हजार रुपये भी दे।
