प्रदेश में मानसून की रफ्तार अब भी सुस्त बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, के तीन जुलाई तक के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में एक जून से अब तक सामान्य के मुकाबले 50 प्रतिशत और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश स्तर पर भी मानसून सामान्य से काफी पीछे चल रहा है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक है। वाराणसी में व मऊ में 74 फीसदी, जौनपुर में 91 फीसदी, संतकबीरनगर में 52 फीसदी, सिद्धार्थनगर में 68, लखनऊ में 60, कुशीनगर में 78, महाराजगंज में 29 और गोरखपुर में 51 फीसदी तक वर्षा की कमी दर्ज की गई है। प्रयागराज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और सुल्तानपुर समेत कई जिलों में भी सामान्य से काफी कम बारिश हुई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हालात बहुत बेहतर नहीं हैं। गाजियाबाद में 86 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 88 प्रतिशत, बागपत में 54 प्रतिशत, मुरादाबाद में 20 प्रतिशत और रामपुर में 34 प्रतिशत वर्षा की कमी दर्ज की गई है। हालांकि कुछ जिलों जैसे बदायूं, बुलंदशहर, मेरठ, शाहजहांपुर और संभल में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तीन से चार जुलाई जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में सप्ताह के दूसरे हिस्से में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा की भी संभावना जताई गई है।
