उरई। मानसून की पहली अच्छी बारिश ने नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी। शहर से लेकर गांव तक नालों की सफाई न होने का खामियाजा लोगों को जलभराव के रूप में भुगतना पड़ा।

बारिश के साथ ही नाले उफना पड़े और उनका गंदा पानी सड़कों पर फैल गया। कई मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से लोगों का आवागमन प्रभावित रहा। सबसे हैरानी की बात यह है कि शहर के 53 बड़े नालों की सफाई का टेंडर तीन वर्षों से नहीं हो सका है। हर बार कुछ सफाई कर्मियों के भरोसे खानापूर्ति कर दी जाती है। इस बार भी नगर पालिका ने समय रहते टेंडर कराने और नालों की सफाई पूरी करने का दावा किया था, लेकिन बारिश शुरू होते ही व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आ गई। ग्रामीण क्षेत्रों से भी जलभराव और अवरुद्ध रास्तों की तस्वीरें सामने आईं, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।


केस-1-

राजेंद्र नगर में सड़क बनी तालाब

शहर के प्रमुख रिहायशी इलाके राजेंद्र नगर में बारिश के बाद नाले उफना गए और उनका पानी सड़कों पर फैल गया। कई जगह सड़कें पूरी तरह जलमग्न हो गईं। इससे पैदल चलना भी मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने समय पर नालों की सफाई न होने पर नाराजगी जताई।


केस-2-

मुख्य बाजार के पास में जलभराव से बढ़ी मुश्किलें

शहर के मुख्य बाजार के पास में बारिश के बाद सड़क पर पानी भर गया। जलभराव के कारण दुकानदारों और ग्राहकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि नालों की सफाई नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति बन जाती है।


केस-3-

तीन घंटे तक जलमग्न रहीं सड़कें

शुक्रवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद कस्बा कदौरा के सीर मोहल्ला, सिद्धार्थनगर, ब्यासपुरा तथा मेन बाजार की सड़कें जलमग्न हो गईं। जाम नालियों के कारण बारिश का पानी करीब तीन घंटे तक सड़कों पर भरा रहा, जिससे दो दर्जन से अधिक दुकानों के साथ कई घरों में भी पानी घुस गया। बारिश के दौरान नालियां ओवरफ्लो हो गईं और पानी की निकासी नहीं होने से प्रमुख मार्ग तालाब जैसे दिखाई देने लगे। कई घरों में भी पानी भर जाने से लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। नगर पंचायत अध्यक्ष अर्चना शिवहरे ने बताया कि सूचना मिलते ही सफाई नायकों ने तत्काल पानी की निकासी कराई और जलभराव की स्थिति सामान्य की ।


केस-4-

आधे घंटे की बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल

शुक्रवार सुबह करीब छह बजे हुई महज आधे घंटे की बारिश ने सफाई व्यवस्था और जलनिकासी के दावों की हकीकत उजागर कर दी। कदौरा ब्लॉक की इटौरा गुरु ग्राम पंचायत के मुख्य रास्ते पर बारिश का पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित रहा। सड़क पर पानी जमा होने से ग्रामीणों को आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना है कि यह गांव का प्रमुख मार्ग है, जिससे रोजाना सैकड़ों ग्रामीण गुजरते हैं, लेकिन जलनिकासी की समुचित व्यवस्था न होने से हर बारिश में यही हाल हो जाता है। वहीं अकोढ़ी ग्राम पंचायत के तगारेपुर गांव की स्थिति और भी बदतर रही। मुख्य रास्ता बारिश के पानी से पूरी तरह लबालब भर गया और सड़क तालाब जैसी दिखाई देने लगी। ग्रामीणों और राहगीरों को घुटनों तक पानी में होकर निकलना पड़ा।


वर्जन

अधिकांश नालों की सफाई कर्मचारियों से कराई जा चुकी है। अगर कोई कमी है तो उसे ठीक कराया जाएगा। कहीं पर भी जलभराव नहीं होने दिया जाएगा।

– रामअचल कुरील, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका

फोटो - 18 राजेंद्र नगर में सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो – 18 राजेंद्र नगर में सड़क पर भरा पानी। संवाद

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फोटो – 18 राजेंद्र नगर में सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो - 18 राजेंद्र नगर में सड़क पर भरा पानी। संवाद

फोटो – 18 राजेंद्र नगर में सड़क पर भरा पानी। संवाद



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