प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दिए जाने वाले राज्य अध्यापक पुरस्कार को लेकर शिक्षक रुचि नहीं दिखा रहे हैं। हालत यह है कि प्रदेश के 19 जिलों में अभी तक एक भी आवेदन नहीं हुए हैं। वहीं अंतिम आवेदन भी 22 जिलों से मात्र एक-एक ही हुए हैं। इसे देखते हुए विभाग ने आवेदन की अंतिम तिथि सात जुलाई तक बढ़ा दी है।
विभाग के अनुसार पुरस्कार के लिए सर्वाधिक 13 रजिस्ट्रेशन जौनपुर से हुए हैं। जबकि प्रयागराज व बलिया से 11-11 शिक्षकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इसी तरह गोंडा, कुशीनगर, बाराबंकी से 9-9, आजमगढ़, महराजगंज व सिद्धार्थनगर से 8-8, अयोध्या, चित्रकूट, अमेठी व भदोही से 7-7 शिक्षकों से रजिस्ट्रेशन हुए हैं। इसमें भी प्रयागराज से पांच, आगरा, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बलिया, चित्रकूट, गोंडा व कुशीनगर से तीन-तीन आवेदन ही अंतिम रूप से सब्मिट हुए हैं। बता दें कि राज्य शिक्षक पुरस्कार के तहत चयनित शिक्षकों को पांच सितंबर को 25-25 हजार रुपये नकद, सरस्वती प्रतिमा व शॉल देकर सम्मानित किया जाएगा। इनको दो साल का सेवा विस्तार भी मिलता है।
कड़े नियम हैं
राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन में विद्यालय में छात्रों की संख्या (नामांकन) को मानकों में प्राथमिकता दी गई है। प्राथमिक विद्यालयों में 150 से कम, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 105 से कम, कंपोजिट विद्यालय में 255 से कम छात्र नामांकन नहीं होने चाहिए। पुरस्कार के लिए कम से कम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूरी होना अनिवार्य है। साथ ही सेवा में 5 वर्ष बचे भी हों। इससे ज्यादातर वरिष्ठ शिक्षकों ही इसके लिए पात्र होते हैं। इसके अतिरिक्त भी मानक व इंटरव्यू पर चयन होता है।
