यूपी के राजनीतिक गलियारे और प्रशासनिक गलियों में आज तीन किस्से काफी चर्चा में रहे। चाहे-अनचाहे आखिर ये बाहर आ ही जाते हैं। इन्हें रोकने की हर कोशिश नाकाम होती है। आज की कड़ी में ‘ऊर्जा मिलने की उम्मीद को झटका’ की कहानी। इसके अलावा ‘मुखिया भाजपा के, स्वागत में जुटा विभाग’ और ‘और शुरू हो गई पदों की अदला-बदली’ के किस्से भी चर्चा में रहे। आगे पढ़ें, नई कानाफूसी…
ऊर्जा मिलने की उम्मीद को झटका
प्रदेश के पढ़ाई-लिखाई वाले कई विभागों को विभिन्न योजनाओं में केंद्रीय अंश के रूप में अच्छा आर्थिक सहयोग मिलता है। इसी के तहत एक विभाग ने ऊर्जा से जुड़ा एक प्रस्ताव तैयार किया था। प्रस्ताव स्वीकृत होने की उम्मीद में काफी बड़े स्तर पर तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। इस प्रस्ताव से दोतरफा ऊर्जा मिलने की उम्मीद थी लेकिन केंद्र ने प्रस्ताव को स्थगित कर कइयों को झटका दिया है। इससे वे काफी मायूस हैं।
मुखिया भाजपा के, स्वागत में जुटा विभाग
भाजपा के मुखिया के आगमन पर प्रदेश सरकार के एक विभाग ने पलक पावड़े बिछा दिए। जगह-जगह होर्डिंग लगा दिए गए। सुबह सरेआम यह नजारा देख कई मंत्रियों ने अपने विभाग के जिम्मेदारों से पूछा तो पता चला कि भाजपा मुखिया के स्वागत में सरकारी विभाग पलक पावड़े नहीं बिछा सकता है। ऐसे में गरीब होने का रोना रोने वाले इस विभाग को लेकर नौकरशाही में दिनभर चर्चा होती रही। कुछ अफसरों ने तो यहां तक कहा कि इस विभाग की दरियादिली की वजह से दूसरे विभाग खलनायक बन गए हैं।
…और शुरू हो गई पदों की अदला-बदली
राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक के देशभर में लागू किए जाने की प्रक्रिया इन दिनों जोरों पर है। उत्तर प्रदेश भी इससे अछूता नहीं रहा। पिछले कुछ समय से तमाम खेल एसोसिएशनों पर वर्षों से काबिज अफसरों ने पद छोड़ना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में बीते दिनों एक बड़ी खेल एसोसिएशन में भारी बदलाव देखने को मिला, जहां महत्वपूर्ण पदों पर तैनात अधिकारियों ने अदला-बदली करके खेल विधेयक को अपनाने का दावा किया। हालांकि, विधेयक को लेकर अभी भी तमाम खेल एसोसिएशनों के बीच असमंजस की स्थिति है। ऐसे में महत्वपूर्ण पदों में की गई अदला-बदली भी एसोसिएशन पर भारी पड़ सकती है।
