मऊरानीपुर मेला ग्राउंड में आगामी दिनों में लगने वाली एक प्रदर्शनी को लेकर स्थानीय व्यापारियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। प्रदर्शनी की अनुमति देने के विरोध में शनिवार को व्यापारियों ने दुकानें बंद रखीं और बड़ाबाजार मार्ग पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए।
व्यापारियों का आरोप है कि इस प्रदर्शनी से स्थानीय दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा। मेला ग्राउंड में इस प्रदर्शनी को लगाने को दुकानें बनाने का काम भी शुरू हो गया है। यह प्रदर्शनी 10 जुलाई से 20 अगस्त तक चलेगी। धरने पर बैठे व्यापारियों का कहना है कि इस प्रदर्शनी के खत्म होने के महज कुछ ही समय बाद बुंदेलखंड का ऐतिहासिक प्रांतीय मेला जलविहार महोत्सव आयोजित होता है। इस पारंपरिक मेले में स्थानीय व बाहरी व्यापारी अपनी दुकानें लगाते हैं, जिससे सालभर का व्यापार चलता है।
व्यापारियों बोले- अनुमति निरस्त नहीं की तो आंदोलन होगा उग्र
व्यापारियों ने पूर्व के एक सरकारी आदेश का हवाला देते हुए बताया कि 28 जून 2024 को तत्कालीन उपजिलाधिकारी गोपेश तिवारी ने यह लिखित निर्देश जारी किया था कि स्थानीय व्यापारियों के हितों को संरक्षित करने के लिए मेला ग्राउंड की भूमि पर वर्ष में केवल एक बार मेला जलविहार महोत्सव के दौरान ही प्रदर्शनी की अनुमति दी जाए। व्यापारियों ने बताया कि दोपहर से शुरू हुए इस धरने व बाजार बंदी के बाद भी शासन या प्रशासन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं पहुंचा। प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज व्यापारी रात 8 बजे तक सड़क पर ही धरने पर डटे रहे और प्रदर्शन करते रहे। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस अनुचित प्रदर्शनी के आदेश को तुरंत निरस्त नहीं किया गया और व्यापारियों के हितों की रक्षा नहीं की गई, तो यह आंदोलन और उग्र रूप धारण करेगा व दुकाने पूर्ण रूप से बंद रहेंगीं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। इस मौके पर रेडीमेड व्यापार मंडल के अध्यक्ष कमलेश तिवारी, विक्की साहू, स्वदेश विश्वकर्मा, मनीष खेवरिया, नवीन सिंह, छोटे दुबे, हरीबाबू रायकवार, संजय पटसारिया आदि व्यापारी धरने पर बैठे।
बाजार बंद कर धरने पर बैठे व्यापारी, वीडियो…
