बड़ागांव गेट चौकी के प्रभारी ओमकार और सिपाही शशांक त्रिपाठी को एंटी करप्शन टीम ने मंगलवार शाम 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि मारपीट के मामले में प्राथमिकी से आरोपियों के नाम हटाने के बदले 70 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायतकर्ता 60 हजार रुपये पहले ही दे चुका था। अंतिम किस्त लेते समय टीम ने दोनों को चौकी से पकड़ लिया। एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर सदर बाजार थाने में दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विवेचक ने स्वीकार नहीं की सीसीटीवी फुटेज
शंकर सिंह का बगीचा निवासी संजीव राय, उनके बेटे शुभ और लव तथा अमन, संदीप प्रजापति एवं नीलू रावत के खिलाफ 30 अप्रैल को कोतवाली थाने में अभिषेक राज सिंह की शिकायत पर मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने का मुकदमा दर्ज हुआ था। संजीव का आरोप है कि घटना के समय वह अपने बेटों के साथ दूसरे स्थान पर मौजूद थे। इसके समर्थन में उन्होंने विवेचक चौकी प्रभारी ओमकार को सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराई लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया।
पहले ले चुके 60 हजार
संजीव के अनुसार कुछ दिन पहले उन्होंने अपने परिचित अमन को चौकी प्रभारी से मिलने भेजा था। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने अमन को चौकी में बैठा लिया और मुकदमे से नाम हटाने के बदले 70 हजार रुपये की मांग की। 60 हजार रुपये मिलने के बाद अमन को छोड़ दिया गया, जबकि शेष 10 हजार रुपये के लिए लगातार बुलाया जा रहा था। इसके बाद संजीव ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत कर दी।
एंटी करप्शन ने दर्ज कराया केस
शिकायत के बाद एंटी करप्शन टीम ने बड़ागांव गेट चौकी के पास जाल बिछाया। शाम करीब 4:50 बजे शिकायतकर्ता 10 हजार रुपये लेकर चौकी पहुंचा। जैसे ही उसने रकम चौकी प्रभारी ओमकार और सिपाही शशांक त्रिपाठी को सौंपी, पहले से मौजूद टीम ने दोनों को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सीओ सिटी रामवीर सिंह ने बताया कि एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर सदर बाजार थाने में चौकी प्रभारी ओमकार और सिपाही शशांक त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के दौरान का वीडियो…
