राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने पहली बार ट्रेन से लखनऊ से कानपुर तक की यात्रा की। उन्होंने उत्सर्ग एक्सप्रेस की फर्स्ट एसी बोगी से यात्रियों के साथ सफर किया। ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर उनके आगमन को लेकर आरपीएफ, जीआरपी व लखनऊ पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए थे। हालांकि ट्रेन छूटते ही चेन पुलिंग हो गई, जिससे ट्रेन रुक गई। बच्चे साथ सफर कर रही एक महिला उतर नहीं पायी थी।
राज्यपाल की वापसी शुक्रवार को उत्सर्ग एक्सप्रेस से ही होगी। साथ ही उनका अगला सफर लखनऊ से प्रयागराज के लिए वंदे भारत एक्सप्रेस से होगा। दरअसल, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की रेल यात्रा को लेकर जनभवन की ओर से रेलवे को पत्र भेजा गया था। राज्यपाल के आगमन पर असुविधाएं न हों, इसके लिए ऐशबाग रेलवे स्टेशन पर सुबह आठ बजे की पाली में तैनात रेलकर्मियों को दो घंटे पहले ही ड्यूटी पर बुला लिया गया था। आरपीएफ कमांडेंट व आइजी रेलवे सहित कई आला अफसर स्टेशन पहुंच गए थे।
उत्सर्ग एक्सप्रेस सुबह 7:23 बजे ऐशबाग के प्लेटफार्म नंबर एक पर आ गई। राज्यपाल को फर्स्ट एसी बोगी एच-1 में यात्रा करनी थी, जोकि ट्रेन में पीछे की ओर लगी थी। इससे मुख्य गेट की जगह साइड गेट से उनका प्रवेश हुआ। स्टेशन पर बैट्री चालित कार उपलब्ध होने के बाद भी राज्यपाल पैदल ही साै मीटर तक अपनी बोगी में पहुंची। ट्रेन छूटने के कुछ देर बाद ही चेन पुलिंग हो गई, जिससे ट्रेन रुक गई। आरपीएफ व जीआरपी चेन पुलिंग वाली बोगी पर पहुंचे। यहां बच्चे के साथ यात्रा कर रही एक महिला ने बताया कि वह नींद के कारण उतर नहीं सकी थी। राज्यपाल को ट्रेन से कानपुर तक जाने के दाैरान बीच में कोई बाधा न हो, इसके लिए उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन के आपरेटिंग अनुभाग के अधिकारी कंट्रोल रूम में डटे रहें। राज्यपाल शुक्रवार शाम उत्सर्ग एक्सप्रेस से ही वापस लौटेंगी ।
